पंचकूला में प्रदर्शन स्थल पर पुलिस की मौजूदगी बढ़ी, सरकार ने बातचीत का न्योता दिया;
हाईकोर्ट आज करेगा मामले की सुनवाई
हरियाणा में डॉक्टरों की जारी हड़ताल ने बुधवार को नया मोड़ ले लिया, जब राज्य सरकार ने हड़ताली मेडिकल अधिकारियों को औपचारिक बैठक के लिए बुलाया। सरकार का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं को सामान्य करने के लिए बातचीत ही एकमात्र रास्ता है। दूसरी ओर डॉक्टरों ने बैठक के निमंत्रण का स्वागत किया है, लेकिन अपने प्रमुख मांगों पर ठोस समाधान की उम्मीद जताई है।
सुबह से ही पंचकूला में पुलिस की गतिविधियां बढ़ गईं। प्रशासन ने उस स्थान पर बल तैनात किया, जहां डॉक्टर धरने पर बैठे थे। अधिकारियों के अनुसार सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने और अस्पताल सेवाओं को प्रभावित होने से रोकने के लिए यह कदम उठाया गया। हालांकि डॉक्टरों ने दावा किया कि उन्हें आंदोलन समाप्त करने के लिए दबाव में लाया जा रहा है।
इस बीच हड़ताल का मामला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट पहुंच गया है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि लंबे समय से चल रही हड़ताल के कारण स्वास्थ्य सेवाएं बाधित हो रही हैं और आम जनता को गंभीर परेशानी हो रही है। हाईकोर्ट इस मामले की सुनवाई आज ही करेगा और माना जा रहा है कि अदालत सरकार और डॉक्टरों दोनों से स्पष्टीकरण मांगेगी।
डॉक्टरों का कहना है कि उनकी मांगें वर्षों से लंबित हैं, जिसमें सेवा शर्तों में सुधार, सुरक्षा सुनिश्चित करना और कार्यस्थल की सुविधाओं में बढ़ोत्तरी शामिल है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बातचीत तभी सार्थक होगी जब सरकार ठोस आश्वासन देगी।
प्रशासन का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाएं राज्य की प्राथमिकता हैं और मरीजों की जान खतरे में नहीं पड़ने दी जाएगी। इसलिए वैकल्पिक इंतजाम भी किए जा रहे हैं, ताकि जरूरी सेवाएं चालू रहें।
अब सभी की निगाहें हाईकोर्ट की सुनवाई और सरकार-डॉक्टरों की बैठक पर टिकी हैं, जिसका परिणाम आंदोलन की दिशा तय कर सकता है।
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