रोहतक में शिक्षकों ने किया जोरदार विरोध प्रदर्शन

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Rohtak teachers protest

गैर शैक्षणिक कार्य और बीएलओ ड्यूटी पर आपत्ति जताई

रोहतक में आज सरकारी और निजी स्कूलों के शिक्षकों ने विरोध प्रदर्शन किया। शिक्षकों का कहना है कि उन्हें बार-बार गैर शैक्षणिक कार्य जैसे चुनावी ड्यूटी, सर्वेक्षण या अन्य प्रशासनिक कामों में लगाया जा रहा है, जिससे उनका मुख्य कार्य, यानी पढ़ाई-लिखाई, प्रभावित हो रहा है।

प्रदर्शन में शामिल शिक्षकों ने कहा कि उन्हें बीएलओ (ब्लॉक लेवल ऑफिसर) ड्यूटी पर भी न लगाया जाए। उनका कहना था कि इस प्रकार की ड्यूटी उनके सामान्य कर्तव्यों और छात्रों के समय में बाधा डालती है। शिक्षक संघों ने प्रशासन से मांग की कि भविष्य में केवल शैक्षणिक कार्यों पर ध्यान केंद्रित किया जाए और गैर शैक्षणिक कार्यों से शिक्षकों को मुक्त किया जाए।

प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने स्कूलों के बाहर नारेबाजी की और हाथों में प्लेकार्ड लेकर अपने विरोध की आवाज़ बुलंद की। उन्होंने कहा कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो आगे बड़े पैमाने पर आंदोलन करने को तैयार हैं।

पुलिस और शिक्षा विभाग के अधिकारी मौके पर उपस्थित रहे और स्थिति को नियंत्रण में रखने का प्रयास किया। प्रशासन ने शिक्षकों से बातचीत कर उन्हें आश्वासन दिया कि उनकी मांगों पर विचार किया जाएगा और भविष्य में गैर शैक्षणिक कार्यों को सीमित करने के लिए कदम उठाए जाएंगे।

शिक्षक नेताओं ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल बच्चों की पढ़ाई में बाधा न आए, इसके साथ-साथ उनकी कार्यशैली और जिम्मेदारियों का सम्मान हो। उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि उनकी पेशेवर गरिमा को बनाए रखते हुए ही ड्यूटी आवंटित की जाए।

इस विरोध प्रदर्शन से रोहतक में शिक्षा और प्रशासनिक कार्यों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। भविष्य में शिक्षकों और शिक्षा विभाग के बीच इस मुद्दे पर आगे की बैठक होने की संभावना है।

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