परीक्षा से वंचित रही छात्रा, प्रवेश पत्र विवाद पर गरमाया मामला

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exam controversy

स्थान: फरीदाबाद; संबंधित बोर्ड: हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड

जिले में माध्यमिक परीक्षा के दौरान एक छात्रा निर्धारित विषय की परीक्षा में शामिल नहीं हो सकी, जिसके बाद अभिभावकों ने संबंधित विद्यालय प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए। परिजनों का कहना है कि नियमित श्रेणी की छात्रा होने के बावजूद उसका प्रवेश पत्र कथित रूप से ओपन श्रेणी में जारी कर दिया गया, जिससे परीक्षा केंद्र पर उसे बैठने की अनुमति नहीं मिली।

परिवार ने दावा किया कि दस्तावेजों में हुई इस कथित त्रुटि के कारण छात्रा मानसिक रूप से आहत हुई और पूरे वर्ष की मेहनत पर पानी फिर गया। उनका कहना है कि समय रहते गलती सुधारने का अवसर भी नहीं दिया गया। मामले के सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर अभिभावकों और विद्यार्थियों में नाराजगी देखी गई।

दूसरी ओर, शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि प्रवेश पत्र जारी करने की प्रक्रिया निर्धारित नियमों और ऑनलाइन डेटा के आधार पर होती है। उन्होंने कहा कि यदि किसी प्रकार की विसंगति हुई है तो उसकी जांच कराई जाएगी, लेकिन बिना तथ्यों के संस्था पर दोषारोपण उचित नहीं है।

बोर्ड प्रशासन ने यह भी बताया कि परीक्षा से जुड़े सभी रिकॉर्ड डिजिटल प्रणाली में सुरक्षित रहते हैं और किसी भी छात्र की श्रेणी परिवर्तन की प्रक्रिया स्पष्ट दिशा-निर्देशों के तहत ही संभव है। यदि विद्यालय या अभिभावक समय पर आवश्यक संशोधन के लिए आवेदन करते, तो समाधान निकाला जा सकता था।

मामले को लेकर अब जांच की संभावना जताई जा रही है, ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा संबंधी दस्तावेजों की समय रहते जांच और सत्यापन बेहद आवश्यक है, जिससे विद्यार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

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