फरीदाबाद में एक व्यक्ति की हत्या कर शव खेत में दफनाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या की और वारदात छिपाने के लिए शव को खेत में दफना दिया। घटना के बाद कथित प्रेमी फरार बताया जा रहा है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।
मामला तब सामने आया जब व्यक्ति के अचानक लापता होने की बात परिवार तक पहुंची। आरोप है कि पत्नी ने अपने दामाद को फोन किया और कहा कि उसका पति लापता हो गया है तथा वह घर आ जाए।
दामाद और परिवार के अन्य सदस्यों को व्यक्ति के अचानक गायब होने पर संदेह हुआ। इसके बाद उसकी तलाश शुरू की गई और आसपास के लोगों से भी जानकारी जुटाई गई।
मामले की सूचना पुलिस तक पहुंचने के बाद जांच शुरू हुई। शुरुआती पूछताछ और परिस्थितियों के आधार पर पुलिस का शक परिवार तथा मृतक के संपर्क में रहे लोगों की ओर गया।
जांच आगे बढ़ने पर मामला सामान्य गुमशुदगी से हत्या की तरफ मुड़ गया। पुलिस को ऐसी जानकारी मिली, जिसके आधार पर खेत में शव दफनाए जाने की आशंका सामने आई।
इसके बाद संबंधित स्थान की जांच की गई। खेत में दफनाए गए शव को बाहर निकालने के लिए आवश्यक कानूनी प्रक्रिया अपनाई गई। शव मिलने के बाद उसकी पहचान और मौत के कारणों की जांच शुरू की गई।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत के कारण, शरीर पर लगी चोटों और हत्या के संभावित तरीके के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है।
आरोप है कि वारदात में मृतक की पत्नी के साथ उसका कथित प्रेमी भी शामिल था। पुलिस दोनों के संबंधों और हत्या के पीछे संभावित वजह की जांच कर रही है।
कथित प्रेमी घटना के बाद से फरार बताया जा रहा है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस संभावित ठिकानों पर दबिश दे सकती है और तकनीकी निगरानी की मदद से उसकी लोकेशन का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि हत्या पहले से बनाई गई योजना के तहत की गई थी या किसी विवाद के दौरान वारदात हुई। शव को खेत तक कैसे पहुंचाया गया और उसे दफनाने में किन लोगों की भूमिका रही, इसका पता लगाया जा रहा है।
घटनास्थल से मिले फोरेंसिक साक्ष्य जांच में महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। पुलिस घर, खेत और उन स्थानों की जांच कर सकती है जहां हत्या या शव को ठिकाने लगाने से जुड़ी गतिविधियां होने की आशंका है।
दामाद को किया गया कथित फोन भी जांच की अहम कड़ी है। पुलिस कॉल का समय और बातचीत से जुड़ी उपलब्ध जानकारी को घटनाक्रम की टाइमलाइन से जोड़ सकती है।
मृतक के मोबाइल फोन और आरोपियों के कॉल रिकॉर्ड की भी जांच की जा सकती है। इससे हत्या से पहले और बाद में हुई बातचीत तथा संबंधित लोगों की लोकेशन के बारे में जानकारी मिल सकती है।
आसपास CCTV कैमरे उपलब्ध होने पर उनकी फुटेज भी खंगाली जा सकती है। किसी वाहन से शव खेत तक ले जाए जाने की स्थिति में कैमरों से महत्वपूर्ण सुराग मिलने की संभावना है।
परिवार के अन्य सदस्यों और पड़ोसियों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि पति-पत्नी के बीच पहले से विवाद था या नहीं और घटना से पहले कोई असामान्य गतिविधि देखी गई थी या नहीं।
पत्नी और उसके कथित प्रेमी पर लगे आरोप फिलहाल जांच के विषय हैं। किसी भी आरोपी का दोष अदालत में साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही तय होगा।
फिलहाल फरीदाबाद पुलिस पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। शव को खेत में दफनाने, दामाद को पति के लापता होने की सूचना देने और कथित प्रेमी के फरार होने सहित सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
फरार आरोपी की गिरफ्तारी के बाद हत्या की वजह और वारदात की पूरी योजना से जुड़े कई सवालों के जवाब मिलने की उम्मीद है। पुलिस पोस्टमार्टम, फोरेंसिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामले को आगे बढ़ा रही है।
![]()











