फरीदाबाद के ट्रांसपोर्ट कारोबारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर बड़ा आंदोलन शुरू करने का ऐलान किया है। ट्रांसपोर्ट संगठनों का कहना है कि दिल्ली में लागू कुछ नियमों और अतिरिक्त शुल्कों के कारण उनके कारोबार पर गंभीर असर पड़ रहा है। इसी के विरोध में कई दिनों तक काम बंद रखने और राजधानी की ओर जाने वाली सेवाओं को प्रभावित करने का निर्णय लिया गया है।
ट्रांसपोर्टरों का आरोप है कि ग्रीन टैक्स और पुराने वाहनों पर लगी पाबंदियों के चलते उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। उनका कहना है कि कई वाहन अभी भी पूरी तरह फिट हैं, लेकिन नियमों के कारण उन्हें सड़कों पर चलाने में दिक्कतें आ रही हैं। इससे छोटे और मध्यम स्तर के ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों पर सबसे ज्यादा असर पड़ रहा है।
व्यापारियों का मानना है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द समाधान नहीं निकला तो माल ढुलाई और सप्लाई चेन पर असर पड़ सकता है। इसका प्रभाव उद्योगों, बाजारों और रोजमर्रा के सामान की उपलब्धता पर भी देखने को मिल सकता है। कई ट्रांसपोर्ट यूनियनों ने इस आंदोलन को समर्थन देने की बात कही है।
ट्रांसपोर्ट सेक्टर से जुड़े लोगों का कहना है कि लगातार बढ़ते खर्च, ईंधन कीमतों और नियमों के दबाव ने कारोबार को पहले ही मुश्किल बना दिया है। ऐसे में अतिरिक्त कर और प्रतिबंधों ने परेशानी और बढ़ा दी है। संगठन अब सरकार और प्रशासन से बातचीत के जरिए स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं।
फिलहाल प्रशासन की नजर इस आंदोलन पर बनी हुई है। यदि हड़ताल लंबी चली तो दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में माल परिवहन और व्यापारिक गतिविधियों पर व्यापक असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
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