हाईटेंशन बिजली तारों से संबंधित जमीन के मुआवजे और अन्य मांगों को लेकर धरने पर बैठे किसानों ने बुधवार को प्रशासन के आश्वासन के बाद अपना धरना स्थगित कर दिया। किसान मंगलवार सुबह से धरने पर बैठे थे। रात के समय किसानों ने सचिवालय में भी डेरा डाल दिया था।
बुधवार सुबह सांसद प्रतिनिधि गजेंद्र सलूजा और डीसी हरीश वशिष्ठ धरनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने किसानों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। अधिकारियों ने किसानों की मांगों को सरकार तक पहुंचाने और उनका समाधान कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद किसानों ने फिलहाल धरना स्थगित करने का निर्णय लिया।
किसान हाईटेंशन बिजली तारों से संबंधित जमीन के मुआवजे सहित अन्य मांगों को लेकर अपनी बात प्रशासन के सामने रख रहे थे। मांगों को लेकर किसान मंगलवार सुबह से आंदोलन कर रहे थे। रात को सचिवालय पहुंचकर उन्होंने वहां भी अपना धरना जारी रखा।
बुधवार सुबह प्रशासन और सांसद प्रतिनिधि के मौके पर पहुंचने के बाद किसानों के साथ बातचीत हुई। इस दौरान उनकी मांगों पर चर्चा की गई और समाधान के लिए सरकार तक मामला पहुंचाने का भरोसा दिलाया गया। आश्वासन मिलने के बाद किसानों ने धरना स्थगित करने पर सहमति जताई।
फिलहाल किसानों ने अपना आंदोलन स्थगित किया है। उनकी मांगों पर आगे क्या निर्णय लिया जाता है, यह सरकार और संबंधित प्रशासन की कार्रवाई पर निर्भर करेगा। किसानों को दिए गए आश्वासन के बाद अब उनकी मांगों के समाधान को लेकर आगे की प्रक्रिया पर नजर रहेगी।
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