Chandigarh में सुनवाई के दौरान Punjab and Haryana High Court ने गगनदीप जम्मू फायरिंग मामले की जांच को लेकर कड़ा रुख अपनाया। अदालत ने जांच एजेंसियों की धीमी कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मामले की प्रगति पर नाराजगी जताई। हाईकोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को 25 मई तक विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
सुनवाई के दौरान अदालत ने पूछा कि मामले की जांच अपेक्षित गति से आगे क्यों नहीं बढ़ रही और अब तक क्या ठोस कार्रवाई की गई है। कोर्ट ने यह भी जानना चाहा कि आरोपियों की पहचान, सबूतों के संग्रह और तकनीकी जांच में अब तक क्या प्रगति हुई है। अदालत की टिप्पणियों के बाद जांच एजेंसियों पर दबाव बढ़ गया है।
मामला फायरिंग की गंभीर घटना से जुड़ा है, जिसने सुरक्षा व्यवस्था और जांच प्रक्रिया को लेकर कई सवाल खड़े किए थे। याचिकाकर्ता पक्ष ने अदालत में दावा किया कि मामले में कार्रवाई धीमी है और जांच में अपेक्षित पारदर्शिता दिखाई नहीं दे रही। इसके बाद हाईकोर्ट ने अधिकारियों से जवाब तलब किया।
अदालत ने स्पष्ट किया कि गंभीर आपराधिक मामलों में जांच में देरी न्याय प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है। कोर्ट ने कहा कि जांच एजेंसियों को निष्पक्ष और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए। इसके साथ ही मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गहराई से जांच करने के निर्देश भी दिए गए।
अब 25 मई को पेश होने वाली स्टेटस रिपोर्ट पर सभी की नजरें टिकी हैं। माना जा रहा है कि अगली सुनवाई में जांच की दिशा और अब तक हुई कार्रवाई को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकती है। इस मामले ने कानून व्यवस्था और जांच एजेंसियों की कार्यशैली को लेकर सार्वजनिक बहस भी तेज कर दी है।
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