घरौंडा मंडी में कृषि मंत्री के सामने किसानों का विरोध, नमी के नाम पर कटौती के आरोप

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Gharaunda Mandi

करनाल जिले की घरौंडा अनाज मंडी में धान खरीद में देरी और नमी के नाम पर कटौती से नाराज किसानों ने रविवार को कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा के सामने विरोध जताया। मंत्री के मार्केट कमेटी कार्यालय से निकलकर गाड़ी में बैठने के दौरान किसानों ने भाजपा विरोधी नारे लगाए। सरकार का पक्ष रखने पहुंचे भाजपा कार्यकर्ताओं और किसानों के बीच नोकझोंक भी हुई।

किसान गगनदीप, सोनू और अन्य किसानों ने आरोप लगाया कि वे तीन दिन से मंडी में धान बेचने का इंतजार कर रहे हैं। खरीद होने पर भी नमी का हवाला देकर प्रति क्विंटल 300 से 400 रुपये तक काटे जा रहे हैं। उनका कहना है कि नेताओं और अधिकारियों के आश्वासन के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ।

किसानों के मुताबिक, मंडी में राइस मिलर्स की संख्या कम है और खरीद एजेंसियां समय पर ढेरियों तक नहीं पहुंच रही हैं। उन्होंने दावा किया कि 17 प्रतिशत नमी वाली धान भी नहीं खरीदी जा रही। बारिश से नमी बढ़ने और खरीद में परेशानी होने की चिंता भी जताई गई।

कुछ किसानों ने करीब दो हजार रुपये प्रति क्विंटल भाव मिलने का आरोप लगाया। गगसीना के एक किसान ने बताया कि उसकी धान 2,200 रुपये प्रति क्विंटल में खरीदी गई।

किसान नेता जगदीप औलख ने नमी के आधार पर कटौती का स्पष्ट फार्मूला तय करने की मांग की। उन्होंने दावा किया कि 20 प्रतिशत नमी वाली धान में कटौती करीब 75 रुपये प्रति क्विंटल बनती है, जबकि 250 से 300 रुपये तक काटे जा रहे हैं।

भाजपा कार्यकर्ता निशांत राणा, पवन ढाकला और संजय खैंची ने कहा कि सरकार निर्धारित मानकों के अनुसार खरीद कर रही है। कम भाव मिलने पर किसानों से लिखित शिकायत देने को कहा गया।

कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने बारिश और राइस मिलरों की हड़ताल को कुछ मंडियों में धीमे उठान की वजह बताया। उन्होंने कहा कि अधिकारियों से बातचीत कर उठान तेज करने के प्रयास जारी हैं। सरकार का प्रयास है कि किसानों की पूरी फसल खरीदी जाए और उन्हें पूरा भुगतान मिले।

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