सर्वोच्च बलिदान देकर गुरु तेग बहादुर हिंद की चादर कहलाए: विजयपाल सिंह
सफीदों, (एस• के• मित्तल) : राजकीय महाविद्यालय, सफीदों में नौवें सिख गुरु श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के पूर्व सदस्य एडवोकेट विजयपाल सिंह ने शिरकत की। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्या डॉ. सविता पुनिया ने की। समारोह में ज्ञानी भूपेंद्र सिंह ने शब्द-कीर्तन से सभी को निहाल किया। अपने संबोधन में एडवोकेट विजयपाल सिंह ने गुरु तेग बहादुर जी ने धर्म की स्थापना व मानवता के लिए अपने जीवन का सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने मुगल सम्राट औरंगज़ेब की दमनकारी नीतियों के खिलाफ आवाज़ उठाई। उनका संदेश था कि ज़ुल्म सहना भी ज़ुल्म के बराबर है। उन्होंने ‘धर्म’ (कर्तव्य, न्याय और सत्य) के मार्ग पर चलते हुए अपना सिर कटवाना स्वीकार किया, लेकिन अपना सिद्धांत नहीं छोड़ा। गुरु तेग बहादुर जी को ‘हिंद की चादर’ के रूप में जाना जाता है, क्योंकि उन्होंने न केवल सिखों के लिए, बल्कि पूरे भारतवर्ष और मानवता के लिए अपने जीवन का सर्वोच्च बलिदान दिया। उनका जीवन और बलिदान आने वाली पीढ़ियों को सदैव धार्मिक सहिष्णुता, साहस और मानवीय मूल्यों के लिए खड़े होने की प्रेरणा देता रहेगा। कार्यक्रम के समापन पर अतिथियों को सिरोपे व स्मृति चिन्ह भेंट करके सम्मानित किया गया। इस मौके पर मंजू देवी, डॉ. शंकर, डॉ. अशोक, प्रो. बलविंद्र, रीनू देवी, डॉ. जयविंद्र शास्त्री, डॉ. रूचि भारद्वाज मौजूद थे।
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