6 जिलों में एडिशनल डिप्टी कमिश्नर की नियुक्ति लंबित;
अंबाला में 3 महीने से पद खाली, विभागीय कार्य प्रभावित
हरियाणा प्रशासन इन दिनों महत्वपूर्ण पदों पर लंबित नियुक्तियों के कारण दबाव में है। प्रदेश के छह जिलों—अंबाला, पानीपत, पलवल, फतेहाबाद, झज्जर और नूंह—में एडिशनल डिप्टी कमिश्नर (ADC) तैनात न होने से रोज़मर्रा के सरकारी कार्य प्रभावित हो रहे हैं। सबसे ज़्यादा चर्चा अंबाला को लेकर है, जहां यह पद करीब तीन महीने से रिक्त पड़ा है, जबकि यह जिला राज्य के गृह मंत्री अनिल विज का गृह जिला भी है।
एडीसी प्रशासन में डीसी के बाद सबसे महत्वपूर्ण अधिकारी होते हैं, जो भूमि रिकॉर्ड, विकास कार्यों की समीक्षा, आपदा प्रबंधन, जन-शिकायत निवारण, राजस्व मामलों और विभिन्न विभागों के समन्वय जैसे दायित्वों को संभालते हैं। इन जिलों में एडीसी नहीं होने की वजह से फाइलों का निस्तारण धीमा पड़ गया है और कई मामलों को डीसी को स्वयं देखना पड़ रहा है, जिससे कार्यभार बढ़ गया है।
सूत्रों के अनुसार, हाल ही में हुए आईएएस अधिकारियों के स्थानांतरण के बाद कई जिला-level पद खाली हो गए, पर सरकार द्वारा नई तैनातियों की फाइल लंबित होने से स्थिति जस की तस बनी हुई है। कुछ जिलों में अतिरिक्त कार्यभार अस्थायी रूप से अन्य अधिकारियों को दिया गया है, लेकिन इससे प्रशासनिक दक्षता पर असर पड़ रहा है।
अंबाला, जहां औद्योगिक एवं सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण विभाग संचालित होते हैं, वहां एडीसी की गैर-मौजूदगी विशेष रूप से महसूस की जा रही है। स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि कई विकास परियोजनाओं की फाइलें स्वीकृति के इंतजार में अटकी हुई हैं।
जनप्रतिनिधियों और स्थानीय औद्योगिक संगठनों ने मांग की है कि लंबित नियुक्तियों को तत्काल पूरा किया जाए ताकि जिला प्रशासन सुचारू रूप से चल सके। राज्य सरकार का कहना है कि नियुक्ति प्रक्रिया अंतिम चरण में है और जल्द ही खाली पड़े पद भरे जाएंगे।
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