EWS भुगतान से पहले स्कूलों की जांच, सरकार ने तय की सख्त समयसीमा

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Haryana Education

2150 निजी स्कूलों का सत्यापन अनिवार्य, 8 फरवरी तक पूरी करनी होगी प्रक्रिया

हरियाणा सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के तहत किए गए दावों को लेकर बड़ा फैसला लिया है। राज्य में EWS श्रेणी के अंतर्गत भुगतान जारी करने से पहले करीब 2150 निजी स्कूलों का वेरिफिकेशन किया जाएगा। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिना सत्यापन के किसी भी स्कूल को भुगतान नहीं किया जाएगा। इस प्रक्रिया के लिए 8 फरवरी की अंतिम तिथि निर्धारित की गई है।

शिक्षा विभाग के अनुसार, कई स्कूलों द्वारा EWS के तहत छात्रों के दाखिले को लेकर भुगतान का दावा किया गया है। सरकार का कहना है कि सार्वजनिक धन के सही उपयोग और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए यह जांच जरूरी है। वेरिफिकेशन के दौरान यह देखा जाएगा कि संबंधित स्कूलों में EWS कोटे के तहत दाखिले नियमों के अनुसार हुए हैं या नहीं, छात्रों की संख्या सही है या नहीं और दस्तावेज पूरे हैं या नहीं।

विभागीय अधिकारियों ने बताया कि जिला स्तर पर टीमें गठित की गई हैं, जो स्कूलों के रिकॉर्ड, दाखिला रजिस्टर और अन्य जरूरी दस्तावेजों की जांच करेंगी। सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर ही भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे फर्जी या गलत दावों पर रोक लगेगी और वास्तव में पात्र स्कूलों को ही राशि मिल सकेगी।

हालांकि, निजी स्कूल संचालकों ने इस फैसले पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि EWS दाखिलों की प्रक्रिया पहले ही विभाग की निगरानी में होती है, ऐसे में दोबारा वेरिफिकेशन की कोई आवश्यकता नहीं है। स्कूल संचालकों का आरोप है कि इससे भुगतान में देरी होगी और पहले से आर्थिक दबाव झेल रहे स्कूलों को और परेशानी का सामना करना पड़ेगा।

स्कूल संगठनों ने यह भी कहा कि अगर सरकार को किसी विशेष मामले में संदेह है तो उसकी जांच की जा सकती है, लेकिन सभी स्कूलों का सामूहिक सत्यापन करना अनावश्यक है। दूसरी ओर, शिक्षा विभाग ने साफ किया है कि तय समयसीमा के भीतर सत्यापन पूरा कराने वाले स्कूलों के भुगतान में कोई दिक्कत नहीं आएगी।

फिलहाल यह मुद्दा सरकार और निजी स्कूल प्रबंधन के बीच बहस का विषय बना हुआ है। आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि सत्यापन प्रक्रिया कितनी तेजी से पूरी होती है और भुगतान कब तक जारी किए जाते हैं।

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