खाली पदों को भरने प्रशासन ने गति पकड़ी — प्रिंसिपल रिक्तियों में पदोन्नति से भरे जाएंगे

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Haryana Education

PGT व हेडमास्टरों को प्रमोशन से जल्द मिलेंगी अगुआई की जिम्मेदारियाँ; प्रशासन ने फॉर्मेट मांगा

शैक्षणिक सत्र के बीच में कई सरकारी स्कूलों में प्रधानाचार्य के पद लंबे समय से रिक्त हैं, जिससे निगरानी, अकादमिक अनुशासन और स्कूल प्रबंधन पर असर पड़ रहा था। ऐसे हालात को देखते हुए हरियाणा शिक्षा प्रशासन ने इन खामियों को दूर करने के लिए त्वरित कदम उठाने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री/विभागीय स्तर के दिशानिर्देश के बाद राज्य के संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे तेज़ी से प्रोफार्मा भरकर लौटाएं ताकि अगले कदम के तहत PGT (पोस्ट ग्रेजुएट टीचर) और हेडमास्टरों को प्रधानाचार्य के पदों पर पदोन्नत किया जा सके।

प्रोफार्मा में उम्मीदवारों की शैक्षिक योग्यता, सेवा अवधि, प्रदर्शन रिकॉर्ड, किसी अनुशासनात्मक कार्रवाई का विवरण और प्रस्तुतियों का संक्षिप्त सारांश मांगा जा रहा है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि चयन में पारदर्शिता और नियमों का पूर्ण पालन होगा — आरक्षित कोटों का समुचित अनुपालन, वरिष्ठता-आधारित व मेरिट फैक्टर का संतुलन और आवश्यक प्रमाण-पत्रों का सत्यापन अनिवार्य होगा। इसके साथ ही जिन स्कूलों में विशेष जरूरतें हैं — जैसे प्रबंधन क्षमता या अंग्रेजी माध्यम— उन मानदण्डों को भी ध्यान में रखा जाएगा।

शिक्षा अधिकारियों का कहना है कि इससे न केवल स्कूल नेतृत्व की कमी दूर होगी बल्कि स्कूलों के शैक्षिक और प्रशासनिक कामकाज में भी तेजी आएगी। अभिभावक-शिक्षक संवाद, छात्र-प्रगति निगरानी और सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन बेहतर तरीके से हो सकेगा। विभाग ने संबंधित जिलाधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर प्रोफार्मा भेजने और आगे की चयन प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि प्रोसेस जितनी शीघ्र और पारदर्शी होगी, स्कूलों में स्थिर नेतृत्व उतना ही तेजी से लौटेगा। हालांकि कुछ शिक्षाकर्मियों ने यह भी कहा है कि पदोन्नति के साथ उपयुक्त प्रशिक्षण और प्रशासनिक समायोजन भी जरूरी होंगे, ताकि नए प्रधानाचार्य अपने दायित्वों को प्रभावी ढंग से निभा सकें। कुल मिलाकर यह कदम राज्य के स्कूल शिक्षा तंत्र को सुदृढ़ करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

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