रोहतक, हरियाणा। रोहतक जिले के महम क्षेत्र में बिजली विभाग के निजीकरण को लेकर कर्मचारियों का विरोध तेज हो गया है। बुधवार को बिजली कर्मचारियों ने सरकार की नीतियों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार के विरोध में नारेबाजी की और निजीकरण से संबंधित प्रस्तावित ड्राफ्ट की प्रतियां जलाकर अपना रोष व्यक्त किया। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने बुधवार रात 12 बजे से हड़ताल शुरू करने का ऐलान भी किया।
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने हरियाणा सरकार से गुरुग्राम और नूंह जिलों में निजी कंपनियों को बिजली वितरण का लाइसेंस देने संबंधी फैसला वापस लेने की मांग की। कर्मचारियों का कहना है कि बिजली वितरण व्यवस्था का निजीकरण सरकारी कर्मचारियों और आम उपभोक्ताओं के हितों के खिलाफ हो सकता है।
कर्मचारियों ने मांग उठाई कि सरकार निजीकरण की प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाए और बिजली विभाग से जुड़े फैसलों में कर्मचारियों के हितों को प्राथमिकता दे। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि उनकी मांगों की अनदेखी होने पर आंदोलन को आगे बढ़ाया जा सकता है।
निजीकरण के खिलाफ कर्मचारियों में एकजुटता: बलजीत
प्रदर्शन में शामिल फोरमैन बलजीत ने बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा गुरुग्राम और नूंह में निजी कंपनियों को लाइसेंस देने के फैसले से बिजली कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ रही है। इसी के विरोध में कर्मचारियों ने निजीकरण से संबंधित ड्राफ्ट की प्रतियां जलाकर सरकार के सामने अपना विरोध दर्ज कराया।
बलजीत ने कहा कि बिजली विभाग के कर्मचारी निजीकरण के विरोध में पूरी तरह एकजुट हैं। उन्होंने सरकार से कर्मचारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने और संबंधित निर्णय वापस लेने की अपील की।
वहीं, हड़ताल के ऐलान के बाद बिजली आपूर्ति व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, हड़ताल का बिजली सेवाओं पर कितना असर पड़ेगा, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
फिलहाल कर्मचारियों ने निजीकरण के खिलाफ अपना विरोध जारी रखने का रुख अपनाया है। अब देखना होगा कि सरकार कर्मचारियों की मांगों पर क्या निर्णय लेती है और इस विवाद का समाधान किस प्रकार निकलता है।
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