राज्य में ठेके पर कार्यरत कर्मियों के लिए बड़ी पहल, सरकारी ढांचे में शामिल होने का रास्ता साफ

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संघर्षरत संविदा स्टाफ को मिलेगा स्थायित्व का भरोसा, नई व्यवस्था के तहत होगा समायोजन

हरियाणा में लंबे समय से आंदोलन कर रहे संविदा आधार पर कार्यरत कर्मचारियों के लिए सरकार ने अहम कदम उठाया है। राज्य के विभिन्न विभागों में निजी एजेंसियों के माध्यम से काम कर रहे करीब 1250 कर्मियों को अब एक नई व्यवस्था के तहत शामिल किया जाएगा। इस निर्णय को कर्मचारियों के लिए राहत के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि इससे उनकी नौकरी की अनिश्चितता काफी हद तक कम होगी।
अब तक ये कर्मचारी अलग-अलग निजी ठेका कंपनियों के जरिए विभागीय कार्यों को संभाल रहे थे। वेतन, सेवा शर्तों और भविष्य की सुरक्षा को लेकर लंबे समय से असंतोष बना हुआ था, जिसके चलते कर्मचारियों ने कई बार प्रदर्शन और आंदोलन का रास्ता अपनाया। सरकार के ताजा फैसले के बाद उम्मीद की जा रही है कि इन कर्मियों को अधिक पारदर्शी और स्थिर प्रणाली का लाभ मिलेगा।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, इन सभी कर्मियों को एक केंद्रीकृत सरकारी प्रबंधन ढांचे में स्थानांतरित किया जाएगा। इससे न सिर्फ कर्मचारियों की सेवाओं का रिकॉर्ड एक जगह उपलब्ध रहेगा, बल्कि भर्ती, तैनाती और भुगतान जैसी प्रक्रियाएं भी अधिक सुव्यवस्थित होंगी। सरकार का मानना है कि इससे बिचौलियों की भूमिका कम होगी और कर्मचारियों को सीधे सरकारी निगरानी में काम करने का अवसर मिलेगा।
कर्मचारी संगठनों ने इस फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि यह कदम लंबे संघर्ष के बाद मिला है और इससे हजारों परिवारों को मानसिक और आर्थिक राहत मिलेगी। हालांकि, कुछ संगठनों ने यह भी मांग की है कि भविष्य में वेतनमान, सेवा निरंतरता और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी स्पष्ट नीति बनाई जाए।
सरकार की ओर से संकेत दिए गए हैं कि यह व्यवस्था चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएगी, ताकि विभागीय कामकाज प्रभावित न हो। संबंधित विभागों को कर्मचारियों का डेटा तैयार करने और प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। कुल मिलाकर, यह फैसला राज्य में संविदा कर्मचारियों के भविष्य को लेकर एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है।

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