आयुष्मान योजना से जुड़े नए निर्देशों पर नाराज डॉक्टर, बोले– मरीजों और स्टाफ की प्राइवेसी होगी प्रभावित
हरियाणा में सरकारी और निजी अस्पतालों के आईसीयू में सीसीटीवी कैमरे लगाने के नए आदेश को लेकर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) भड़क गई है। आयुष्मान भारत योजना के तहत जारी इन निर्देशों पर डॉक्टरों ने कड़ा ऐतराज जताते हुए इसे मरीजों और मेडिकल स्टाफ की निजता का खुला उल्लंघन बताया है। IMA ने साफ संकेत दिए हैं कि यदि आदेश वापस नहीं लिए गए तो वे अदालत का रुख करेंगे।
डॉक्टरों का कहना है कि ICU एक अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र होता है, जहां मरीज गंभीर अवस्था में इलाजरत होते हैं। इस दौरान मरीज की शारीरिक स्थिति, इलाज की प्रक्रिया और निजी क्षण कैमरों में कैद होना न केवल अनैतिक है, बल्कि मौलिक अधिकारों के भी खिलाफ है। IMA का तर्क है कि मरीजों की सहमति के बिना इस तरह की निगरानी संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मिले निजता के अधिकार का उल्लंघन है।
IMA पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार आयुष्मान योजना में पारदर्शिता के नाम पर डॉक्टरों पर अविश्वास जता रही है। पहले से ही ऑडिट, रिकॉर्ड और पोर्टल के जरिए निगरानी की व्यवस्था मौजूद है। ऐसे में ICU में CCTV लगाना अनावश्यक और अपमानजनक कदम है। इससे डॉक्टरों के काम करने की स्वतंत्रता और मानसिक संतुलन पर भी असर पड़ेगा।
डॉक्टर संगठनों ने यह भी आशंका जताई कि CCTV फुटेज के दुरुपयोग की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। अगर फुटेज लीक होती है तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा, इस पर सरकार ने कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी नहीं किए हैं।
IMA ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने आदेश वापस नहीं लिया, तो प्रदेशभर में आंदोलन किया जाएगा और हाईकोर्ट में याचिका दायर की जाएगी। वहीं, स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि यह कदम पारदर्शिता और मरीजों के हित में उठाया गया है, हालांकि डॉक्टरों की आपत्तियों पर विचार किया जा रहा है।
फिलहाल, यह मुद्दा सरकार और डॉक्टरों के बीच टकराव का कारण बन गया है और आने वाले दिनों में इस पर कानूनी लड़ाई तेज होने की संभावना है।
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