चंडीगढ़: हरियाणा में नए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) की स्थापना को लेकर अब अलग-अलग जिलों के बीच दावेदारी तेज हो गई है। प्रस्तावित संस्थान को अपने क्षेत्र में स्थापित करवाने के लिए कुरुक्षेत्र और हिसार के पक्ष में राजनीतिक स्तर पर पैरवी हो रही है। इस मुद्दे पर नेताओं के बयान और मांगें सामने आने के बाद मामला राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि, अभी तक संस्थान के लिए किसी जिले का अंतिम चयन नहीं हुआ है
कुरुक्षेत्र के लिए नवीन जिंदल उठा चुके हैं मांग
कुरुक्षेत्र से भाजपा सांसद नवीन जिंदल ने मार्च 2025 में लोकसभा में हरियाणा में IIT स्थापित करने की मांग उठाई थी। उन्होंने कुरुक्षेत्र को इसके लिए उपयुक्त बताते हुए कहा था कि यहां पहले से शैक्षणिक संस्थानों का मजबूत आधार और आवश्यक बुनियादी ढांचा मौजूद है। उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के समर्थन का भी उल्लेख किया था।
हिसार के लिए सावित्री जिंदल ने केंद्र को लिखा पत्र
दूसरी ओर, हिसार की विधायक सावित्री जिंदल ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रहलाद जोशी को पत्र लिखकर हिसार में IIT स्थापित करने की मांग की है। उन्होंने तर्क दिया कि हिसार और आसपास के जिलों को पिछले दो दशकों में कोई बड़ा केंद्रीय संस्थान नहीं मिला है।
उन्होंने हिसार के पक्ष में वहां की शैक्षणिक और औद्योगिक संभावनाओं, एयरपोर्ट, प्रस्तावित इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर और सड़क-रेल संपर्क का हवाला दिया है। हरियाणा के मंत्री रणबीर गंगवा भी हिसार में IIT स्थापित करने की मांग मुख्यमंत्री के सामने उठा चुके हैं।
कुरुक्षेत्र में जमीन की उपलब्धता बन सकती है चुनौती
रिपोर्ट के अनुसार, प्रस्तावित IIT के लिए करीब 300 एकड़ जमीन की जरूरत हो सकती है। कुरुक्षेत्र में उपयुक्त जमीन की उपलब्धता एक चुनौती मानी जा रही है, क्योंकि यहां कृषि भूमि काफी उपजाऊ है और शहरी क्षेत्र में बड़े भूखंड सीमित हैं। वहीं, हिसार समर्थकों का दावा है कि वहां सरकारी जमीन और औद्योगिक विकास की संभावनाएं संस्थान के लिए अनुकूल हैं।
भिवानी, महेंद्रगढ़ और सिरसा ने भी पेश की दावेदारी
IIT की स्थापना को लेकर केवल कुरुक्षेत्र और हिसार ही नहीं, बल्कि भिवानी, महेंद्रगढ़ और सिरसा जैसे जिलों की ओर से भी प्रस्ताव दिए जाने की जानकारी सामने आई है। राज्य सरकार फिलहाल संस्थान के लिए उपयुक्त स्थान तलाशने की प्रक्रिया में है।
अब सरकार के फैसले पर टिकी निगाहें
हरियाणा में IIT की स्थापना से तकनीकी शिक्षा, शोध, रोजगार और औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। ऐसे में संस्थान किस जिले में स्थापित होगा, यह फैसला क्षेत्रीय विकास के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। फिलहाल अंतिम स्थान को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
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