शहीदी समागम में PM मोदी की एंट्री से BJP का नया समीकरण
कुरुक्षेत्र में आयोजित होने वाले श्री गुरु तेग बहादुर जी के शहीदी दिवस समागम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति को दिल्ली और पंजाब की राजनीति के संदर्भ में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि भाजपा पंजाब में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए हरियाणा को रणनीतिक रूप से उपयोग कर रही है। इसी कड़ी में इस बड़े धार्मिक कार्यक्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री को प्रमुख चेहरा बनाकर पार्टी एक व्यापक संदेश देने की कोशिश कर रही है।
गुरु तेग बहादुर जी की शहादत सिख समुदाय के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, और भाजपा इस भावनात्मक जुड़ाव को अपने राजनीतिक विस्तार से जोड़कर देख रही है। हरियाणा में सिख मतदाताओं की संख्या भले कम हो, लेकिन पंजाब के समीकरण पूरी तरह धर्म और परंपरा से प्रभावित रहते हैं। इसीलिए BJP ने हरियाणा में बड़े पैमाने पर यह समागम आयोजित कराकर पंजाब के मतदाताओं तक अपनी पहुंच बनाने का प्रयास किया है।
कार्यक्रम में PM मोदी का शामिल होना न सिर्फ आध्यात्मिक दृष्टि से, बल्कि राजनीतिक नजरिए से भी संदेशवाहक माना जा रहा है। हरियाणा सरकार की सक्रिय भूमिका और मुख्यमंत्री को कार्यक्रम का फ्रंट फेस बनाना यह दर्शाता है कि पार्टी पंजाब से सटे हरियाणा क्षेत्र में सिख समुदाय के बीच सकारात्मक संदेश स्थापित करना चाहती है।
राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि BJP पंजाब में अपनी पैठ मजबूत करने के लिए धार्मिक और सांस्कृतिक मुद्दों को जोड़कर एक नया नैरेटिव तैयार कर रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि पंजाब में गठबंधन के समीकरण बदलने और आगामी चुनावों को देखते हुए यह कार्यक्रम सिर्फ धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि एक राजनीतिक संदेश भी है।
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