नए काम सौंपे जाने से असंतोष
Haryana में राजस्व विभाग से जुड़े पटवारियों के प्रशिक्षण को लेकर नया निर्णय सामने आया है। सरकार ने पटवारियों की ट्रेनिंग अवधि में छह महीने की बढ़ोतरी कर दी है। पहले यह प्रशिक्षण अवधि कम थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर अधिक समय तक करने का फैसला लिया गया है। इस निर्णय के साथ ही प्रशिक्षणरत पटवारियों को कई अतिरिक्त कार्यों की जिम्मेदारी भी दी गई है, जिससे कर्मचारियों में असंतोष देखा जा रहा है।
राजस्व विभाग की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार प्रशिक्षण के दौरान पटवारियों को कृषि स्टॉक और ततीमा से संबंधित रिकॉर्ड को अपडेट करने का कार्य सौंपा गया है। इसके अलावा जमीन से जुड़े अन्य राजस्व रिकॉर्ड को दुरुस्त करने की जिम्मेदारी भी उन्हें दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि इससे भूमि अभिलेखों को अधिक सटीक और अद्यतन बनाए रखने में मदद मिलेगी।
हालांकि इस फैसले के बाद प्रशिक्षणरत पटवारियों के बीच विरोध के स्वर भी उठने लगे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि ट्रेनिंग अवधि बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें अतिरिक्त काम सौंप दिया गया है, जिससे उनकी जिम्मेदारियां और बढ़ गई हैं। कुछ कर्मचारी संगठनों ने यह भी मांग की है कि प्रशिक्षण अवधि को एक साल किया जाए, लेकिन उसके साथ ही सेवा शर्तों और सुविधाओं में भी उचित सुधार किया जाए।
कर्मचारी संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होंगे। उनका कहना है कि प्रशिक्षण के दौरान काम का दबाव बढ़ने से कई कर्मचारियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
वहीं विभागीय अधिकारियों का कहना है कि यह निर्णय प्रशासनिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। उनका मानना है कि प्रशिक्षण अवधि बढ़ाने से कर्मचारियों को कार्य का बेहतर अनुभव मिलेगा और भविष्य में राजस्व कार्यों को अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा।
फिलहाल इस मुद्दे को लेकर कर्मचारियों और प्रशासन के बीच बातचीत की संभावना भी जताई जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार के विवाद को समय रहते सुलझाया जा सके।
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