सिख संस्थान का बड़ा फैसला: वार्षिक वित्तीय योजना को मिली मंजूरी

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Haryana Sikh Gurdwara Committee

बैठक में 104 करोड़ का प्रस्ताव पारित, अध्यक्ष झींडा का दादूवाल पर तीखा हमला

हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (HSGPC) ने वित्तीय वर्ष के लिए 104 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दे दी है। यह अहम निर्णय कुरुक्षेत्र में आयोजित कमेटी की बैठक के दौरान लिया गया। बैठक में गुरुद्वारों के रखरखाव, धार्मिक गतिविधियों, शिक्षा, कर्मचारियों के वेतन और विकास कार्यों से जुड़े खर्चों पर विस्तार से चर्चा हुई। अंत में बहुमत से बजट को पारित कर दिया गया।

कमेटी के प्रधान बलदेव सिंह झींडा ने बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में कहा कि बजट का उद्देश्य गुरुद्वारों की व्यवस्थाओं को मजबूत करना और संगत को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि शिक्षा, धर्म प्रचार, सामाजिक कल्याण और ऐतिहासिक गुरुद्वारों के संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

हालांकि बैठक के दौरान राजनीतिक और आपसी विवाद भी खुलकर सामने आए। प्रधान झींडा ने हरियाणा सिख राजनीति से जुड़े नेता बलजीत सिंह दादूवाल पर कड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि दादूवाल कमेटी का सदस्य बनने के भी योग्य नहीं हैं। झींडा ने आरोप लगाया कि दादूवाल सिर्फ विवाद पैदा करते हैं और संस्था के हित में कोई रचनात्मक भूमिका नहीं निभा रहे।

इस बयान के बाद सिख संगठनों के बीच चल रही खींचतान एक बार फिर चर्चा में आ गई है। बैठक में मौजूद कुछ सदस्यों ने एकजुटता और आपसी मतभेद भुलाकर सिख समुदाय के हित में काम करने की बात कही, जबकि कुछ ने नेतृत्व की कार्यशैली पर सवाल भी उठाए।

बजट में गुरुद्वारा साहिबानों के रखरखाव, लंगर व्यवस्था, कर्मचारियों के मानदेय, धार्मिक आयोजनों और शैक्षणिक संस्थानों के संचालन के लिए अलग-अलग प्रावधान किए गए हैं। कमेटी का कहना है कि खर्चों की निगरानी के लिए पारदर्शी व्यवस्था लागू की जाएगी, ताकि किसी तरह की अनियमितता न हो।

इस बैठक के फैसलों के बाद हरियाणा सिख गुरुद्वारा कमेटी की राजनीति और कार्यप्रणाली एक बार फिर सुर्खियों में है। आने वाले समय में बजट के क्रियान्वयन और नेतृत्व के बयानों पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।

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