हरियाणा में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के बाद मौसम में बदलाव आया है। मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार को नौ जिलों में तेज हवाओं, गरज-चमक और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। अंबाला, पंचकूला, यमुनानगर, करनाल, कुरुक्षेत्र, पानीपत, सोनीपत, गुरुग्राम और फरीदाबाद के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है।
इन जिलों में हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। विभाग ने अगले पांच दिनों में रुक-रुककर बारिश होने की संभावना जताई है। लगातार दो पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 12 अक्टूबर तक मौसम प्रभावित रहने का अनुमान है। इससे मंडियों में खुले रखे धान को लेकर किसानों और आढ़तियों की चिंता बढ़ गई है।
मंगलवार रात पंचकूला में गरज-चमक के साथ ओले गिरे। पानीपत और सोनीपत में तेज हवाएं चलीं। यमुनानगर में बारिश से मंडियों में खुले रखे धान और ट्रॉलियों में लदी उपज भीग गई। अंबाला में भी आसमान में बिजली चमकती दिखाई दी।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, बुधवार को सिरसा, हिसार, फतेहाबाद, जींद, कैथल, भिवानी, रोहतक, चरखी दादरी, झज्जर, नारनौल, रेवाड़ी, नूंह और पलवल में मौसम साफ रहने की संभावना है। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में पश्चिमी विक्षोभ का असर भिन्न रहने का अनुमान जताया गया है।
मंगलवार को राज्य के औसत अधिकतम तापमान में पिछले दिन के मुकाबले 0.6 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज हुई। हालांकि, यह सामान्य से 1.7 डिग्री अधिक रहा। हिसार में सबसे अधिक 38.1 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। नारनौल और चरखी दादरी में 38 डिग्री, भिवानी में 37 डिग्री, अंबाला में 35.2 डिग्री और करनाल में 33.5 डिग्री अधिकतम तापमान रहा।
औसत न्यूनतम तापमान में 0.6 डिग्री की बढ़ोतरी हुई और यह सामान्य से 2.5 डिग्री अधिक दर्ज किया गया। गुरुग्राम में सबसे कम न्यूनतम तापमान 20 डिग्री रहा। भिवानी में 21 डिग्री, पानीपत में 22.9 डिग्री और हिसार व करनाल में 23.2 डिग्री न्यूनतम तापमान दर्ज हुआ। रोहतक में न्यूनतम तापमान 24 डिग्री और अंबाला में 24.8 डिग्री रहा।
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