हरियाणा में तेज हवाओं के साथ बारिश, सोनीपत में ओले; मंडियों में खुले पड़े धान को लेकर किसान चिंतित

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Haryana Weather

हरियाणा में गुरुवार सुबह तेज हवाओं के साथ बारिश होने से कई जिलों में जनजीवन प्रभावित हुआ। अंबाला, कुरुक्षेत्र, पानीपत, जींद, कैथल, सोनीपत, यमुनानगर और करनाल समेत विभिन्न क्षेत्रों में बारिश हुई। कई स्थानों पर घने बादलों से दिन में अंधेरा छा गया। सोनीपत में ओलावृष्टि की भी जानकारी सामने आई है।

मौसम विभाग के अनुसार, हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा रही। विभाग ने अगले कुछ घंटों में प्रदेश के दस जिलों में ओलावृष्टि की चेतावनी दी है। बारिश और तेज हवाओं से खेतों में खड़ी फसलों तथा मंडियों में रखे धान को लेकर किसानों की चिंता बढ़ गई है।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, प्रदेश की मंडियों में करीब 13 लाख टन धान खुले में पड़ा है। बारिश से कई जगह धान की ढेरियां और बोरियां भीग गईं। किसानों ने फसल को बारिश से बचाने के इंतजाम नाकाफी होने की शिकायत की है।

करनाल के किसानों का कहना है कि कुछ धान अभी खेतों में खड़ा है, जबकि मंडी में लाई गई उपज की खरीद का इंतजार हो रहा है। उन्होंने आशंका जताई कि बारिश से कटाई में देरी होगी और अगली फसल की बुवाई भी प्रभावित हो सकती है। नुकसान की वास्तविक स्थिति का आकलन अभी सामने नहीं आया है।

जींद और अंबाला में कुछ सड़कों पर एक से दो फीट तक जलभराव की जानकारी मिली है। सोनीपत में तेज आंधी से कई जगह टीन शेड और होर्डिंग सड़कों पर आ गिरे।

मौसम विभाग ने मौजूदा बारिश का कारण पश्चिमी विक्षोभ बताया है। विभाग के अनुसार, प्रदेश में मानसून सीजन समाप्त हो चुका है और उस अवधि में सामान्य से 26 प्रतिशत कम बारिश दर्ज हुई थी।

वहीं, 1 से 14 अक्टूबर के अलग आंकड़ों में कुरुक्षेत्र, सोनीपत, कैथल और अंबाला में सामान्य से काफी अधिक बारिश दर्ज की गई। इस अवधि में भिवानी और चरखी दादरी में बारिश दर्ज नहीं हुई। प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में वर्षा का वितरण असमान रहा है।

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