साल के आखिरी दिनों में ठंड का सूखा असर, हरियाणा में बारिश का इंतजार अभी लंबा

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Haryana weather

कोहरे और शीतलहर के बीच बीते दो दशकों का मौसम पैटर्न बदलने की संभावना

हरियाणा में साल 2025 के अंतिम दिनों में मौसम का मिजाज असामान्य बना हुआ है। आमतौर पर दिसंबर के आखिरी सप्ताह में पश्चिमी विक्षोभ के कारण हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिलती है, लेकिन इस बार नए साल तक आसमान साफ और मौसम शुष्क रहने के संकेत मिल रहे हैं। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार 31 दिसंबर तक प्रदेश के किसी भी हिस्से में बारिश के आसार नहीं हैं।

बारिश न होने की वजह से ठंड का असर अलग रूप में दिखाई दे रहा है। दिन के समय धूप निकलने से तापमान सामान्य के आसपास बना हुआ है, जबकि रात के समय पारा तेजी से गिर रहा है। इससे सूखी ठंड बढ़ गई है, जो त्वचा, आंखों और सांस से जुड़ी समस्याएं बढ़ा सकती है। सुबह और देर रात के समय कई जिलों में घना कोहरा छाया रहने की संभावना जताई जा रही है, जिससे दृश्यता कम होगी।

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर दिसंबर के अंत तक भी वर्षा नहीं होती है, तो यह बीते 20 वर्षों में पहली बार होगा जब इस अवधि में हरियाणा पूरी तरह सूखा रहेगा। यह स्थिति कृषि के लिहाज से भी चिंता का विषय बन सकती है, क्योंकि रबी फसलों को इस समय नमी की आवश्यकता होती है। हालांकि, जिन क्षेत्रों में सिंचाई की बेहतर व्यवस्था है, वहां असर सीमित रह सकता है।

कोहरे के कारण सड़क और रेल यातायात प्रभावित होने की आशंका भी जताई गई है। वाहन चालकों को सुबह के समय अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। वहीं, ठंड के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने बुजुर्गों, बच्चों और बीमार व्यक्तियों को विशेष सतर्कता रखने की अपील की है।

मौसम विभाग के अनुसार जनवरी के पहले सप्ताह में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, जिससे मौसम में बदलाव आने की संभावना बनेगी। फिलहाल प्रदेशवासियों को नए साल तक सूखी ठंड और कोहरे के साथ ही दिन गुजारने पड़ेंगे।

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