हरियाणा में सरकारी नौकरियों को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। बाहरी राज्यों के युवाओं को नौकरी दिए जाने के विरोध में इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। इस दौरान HPSC कार्यालय के बाहर धरना देकर राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। प्रदर्शनकारियों ने हरियाणा के युवाओं के अधिकारों की रक्षा की मांग उठाई।
प्रदर्शन के दौरान वरिष्ठ INLD नेता Abhay Singh Chautala ने आरोप लगाया कि प्रदेश के युवाओं के साथ अन्याय किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हरियाणा के बेरोजगार युवा लंबे समय से नौकरी की प्रतीक्षा कर रहे हैं, लेकिन भर्ती प्रक्रियाओं में बाहरी उम्मीदवारों को प्राथमिकता मिलने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
धरने में शामिल कार्यकर्ताओं ने सरकार से भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और स्थानीय युवाओं को उचित अवसर देने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि प्रदेश के युवाओं ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में वर्षों मेहनत की है, इसलिए रोजगार में उन्हें प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
HPSC कार्यालय के बाहर प्रदर्शन के दौरान पुलिस बल भी तैनात रहा ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे। कुछ समय तक वहां तनावपूर्ण स्थिति बनी रही, हालांकि बाद में प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि रोजगार और भर्ती प्रक्रिया का मुद्दा हरियाणा की राजनीति में लगातार अहम होता जा रहा है। बेरोजगारी और सरकारी नौकरियों को लेकर युवाओं में बढ़ती चिंता के कारण यह मुद्दा राजनीतिक दलों के लिए बड़ा विषय बन चुका है।
फिलहाल सरकार की ओर से इस मामले में आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है। वहीं प्रदर्शनकारी नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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