हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज क्षेत्र में यमुना नदी में सेना की एक बोट डूबने के बाद दो जवान लापता बताए जा रहे हैं। बोट में मौजूद तीन जवानों को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि लापता जवानों की तलाश के लिए बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। यमुना में करीब 15 किलोमीटर के क्षेत्र में टीमों द्वारा खोजबीन की जा रही है।
जानकारी के अनुसार सेना के जवान बोट में सवार होकर यमुना में थे, इसी दौरान किसी कारण से बोट पानी में डूब गई। घटना के बाद तत्काल बचाव अभियान शुरू किया गया और तीन जवानों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
दो अन्य जवानों का पता नहीं चलने के बाद उनकी तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन का दायरा बढ़ाया गया। नदी के बहाव को देखते हुए हथिनीकुंड बैराज से आगे करीब 15 किलोमीटर तक खोजबीन किए जाने की जानकारी है।
सर्च ऑपरेशन में नदी की परिस्थितियां बचाव टीमों के सामने बड़ी चुनौती बन सकती हैं। तेज बहाव, पानी की गहराई, कम दृश्यता और नदी के भीतर मौजूद प्राकृतिक या अन्य अवरोध खोज अभियान को प्रभावित कर सकते हैं। हालांकि मौके पर वास्तविक रूप से सामने आ रहे चार प्रमुख चैलेंज कौन से हैं, इसकी पुष्टि संबंधित सेना या प्रशासनिक अधिकारियों के आधिकारिक बयान से होनी चाहिए।
यमुना के बहाव के कारण लापता जवानों की तलाश केवल उस स्थान तक सीमित नहीं रखी जा सकती जहां बोट डूबी थी। इसी वजह से नदी के आगे के हिस्सों में भी टीमों को लगाया गया है।
बैराज के आसपास नदी का प्रवाह और जलस्तर सामान्य नदी क्षेत्र से अलग हो सकता है। ऐसे स्थानों पर पानी की गति और दिशा में बदलाव के कारण सर्च ऑपरेशन को विशेष सावधानी से चलाना पड़ता है।
बचाव दल संभावित स्थानों पर लगातार तलाश कर रहे हैं। आवश्यकता के अनुसार नदी किनारे के क्षेत्रों को भी खंगाला जा सकता है, ताकि बहाव के साथ आगे पहुंचने की किसी संभावना को नजरअंदाज न किया जाए।
घटना में सुरक्षित बचाए गए तीन जवानों के बयान भी महत्वपूर्ण हो सकते हैं। उनसे यह जानकारी मिल सकती है कि बोट किस परिस्थिति में डूबी, घटना कितनी तेजी से हुई और लापता जवानों को आखिरी बार किस स्थान पर देखा गया था।
बोट डूबने के वास्तविक कारण को लेकर अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। तकनीकी खराबी, नदी की परिस्थितियां या कोई अन्य कारण था, इसका पता संबंधित जांच से ही चलेगा।
फिलहाल प्राथमिकता दोनों लापता जवानों को तलाशने की है। हथिनीकुंड बैराज और यमुना के करीब 15 किलोमीटर क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन जारी बताया जा रहा है।
इस हादसे में तीन जवानों को सुरक्षित बचाया जाना राहत की बात है, लेकिन दो जवानों के लापता होने के कारण चिंता बनी हुई है। अब सेना और बचाव टीमों के सर्च ऑपरेशन पर नजर है। साथ ही बोट डूबने के कारण और घटना की पूरी परिस्थितियां आधिकारिक जांच के बाद स्पष्ट हो सकेंगी।
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