यूनिवर्सिटी और कॉलेज परिसरों में डॉग्स से जुड़े मामलों पर सरकार ने एक्शन लिया
हरियाणा में यूनिवर्सिटी और कॉलेज परिसरों में आवारा कुत्तों से जुड़ी बढ़ती घटनाओं को देखते हुए राज्य सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। छात्रों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उच्च शिक्षा विभाग ने सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों से 10 बिंदुओं में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। इसके साथ ही प्रत्येक संस्थान में एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
सरकारी निर्देशों के अनुसार, शिक्षण संस्थानों को अपने-अपने परिसरों में मौजूद आवारा कुत्तों की संख्या, पूर्व में हुई घटनाओं, सुरक्षा उपायों और अब तक की गई कार्रवाइयों की जानकारी रिपोर्ट में शामिल करनी होगी। इसके अलावा, यह भी बताना होगा कि भविष्य में छात्रों और स्टाफ की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यूनिवर्सिटी और कॉलेज परिसरों में छात्रों की आवाजाही वाले क्षेत्रों, हॉस्टल, लाइब्रेरी, खेल मैदान और कैंटीन जैसे स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जाए। आवारा कुत्तों की वजह से किसी भी तरह की दुर्घटना या छात्र पर हमला गंभीर लापरवाही मानी जाएगी।
निर्देशों में यह भी कहा गया है कि नोडल अधिकारी स्थानीय प्रशासन, नगर निगम और पशुपालन विभाग के साथ समन्वय बनाकर कार्य करेंगे। कुत्तों के बंध्याकरण, टीकाकरण और सुरक्षित स्थानों पर शिफ्टिंग जैसे उपायों पर भी जोर दिया गया है। साथ ही, छात्रों को जागरूक करने के लिए सूचना बोर्ड लगाने और हेल्पलाइन नंबर जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।
उच्च शिक्षा विभाग का कहना है कि हाल के दिनों में कई शिक्षण संस्थानों से कुत्तों के हमले और डर से जुड़ी शिकायतें सामने आई थीं। इन्हीं को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। सरकार ने सभी संस्थानों को तय समयसीमा के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।
अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि किसी संस्थान ने निर्देशों की अनदेखी की और भविष्य में कोई गंभीर घटना हुई, तो संबंधित प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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