सिंचाई जल पर संकट का आरोप, आंदोलन तेज करने की तैयारी
Hisar जिले के खेड़ी जालाब गांव में मसूदपुर माइनर की मोरी बंद किए जाने के विरोध में ग्रामीणों ने धरना शुरू कर दिया है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि मोरी बंद होने से खेती के लिए पानी की आपूर्ति प्रभावित होगी और फसलों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।
ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से इसी माइनर के माध्यम से खेतों तक सिंचाई का पानी पहुंचता रहा है। अचानक मोरी बंद करने का निर्णय किसानों के हितों के खिलाफ है। धरने पर बैठे लोगों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि फैसला वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान किसानों और पंचायत प्रतिनिधियों ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों के खिलाफ नाराजगी जताई। उनका कहना है कि बिना ग्रामीणों से बातचीत किए यह कदम उठाया गया। ग्रामीणों ने मांग की है कि विभाग तुरंत मौके का निरीक्षण करे और जल आपूर्ति बहाल करे।
धरना स्थल पर बड़ी संख्या में किसान और महिलाएं मौजूद रहीं। ग्रामीणों ने प्रशासन से वार्ता कर समाधान निकालने की अपील की है। उनका कहना है कि सिंचाई व्यवस्था बाधित होने से गेहूं और अन्य फसलों की पैदावार प्रभावित हो सकती है।
वहीं, संबंधित विभाग का कहना है कि तकनीकी कारणों या मरम्मत कार्य के चलते अस्थायी रूप से मोरी बंद की गई हो सकती है। हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि जब तक लिखित आश्वासन नहीं मिलेगा, धरना जारी रहेगा।
स्थिति को देखते हुए स्थानीय प्रशासन भी नजर बनाए हुए है, ताकि किसी प्रकार की कानून-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न न हो।
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