हरियाणा सरकार आज नई औद्योगिक पॉलिसी को मंजूरी दे सकती है। राज्य कैबिनेट की अहम बैठक में इस पॉलिसी पर अंतिम फैसला होने की संभावना है। नई नीति का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में निवेश बढ़ाना, रोजगार के अवसर पैदा करना और इलेक्ट्रिक वाहन (EV) सेक्टर को प्रोत्साहन देना बताया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों पर रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस में छूट देने की तैयारी कर रही है। इससे EV खरीदने वाले उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलेगा और प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग तेजी से बढ़ सकता है। सरकार का मानना है कि इससे प्रदूषण कम करने और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।
नई औद्योगिक पॉलिसी में MSME सेक्टर, स्टार्टअप्स और बड़े निवेशकों के लिए भी कई प्रावधान शामिल किए जा सकते हैं। उद्योग स्थापित करने की प्रक्रिया को आसान बनाने, सिंगल विंडो सिस्टम को मजबूत करने और निवेशकों को बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। इसके अलावा, युवाओं के लिए रोजगार सृजन और स्किल डेवलपमेंट को भी नीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
औद्योगिक क्षेत्रों में नई परियोजनाओं को आकर्षित करने के लिए टैक्स इंसेंटिव और सब्सिडी जैसे विकल्पों पर भी विचार किया जा सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह पॉलिसी प्रभावी तरीके से लागू होती है तो हरियाणा ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी सेक्टर में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो सकता है।
कैबिनेट बैठक के बाद सरकार की ओर से पॉलिसी के प्रमुख बिंदुओं की आधिकारिक घोषणा की जाएगी। उद्योग जगत और निवेशकों की नजरें अब इस फैसले पर टिकी हुई हैं, क्योंकि नई नीति प्रदेश के औद्योगिक विकास की दिशा तय कर सकती है।
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