झज्जर एनकाउंटर केस में नया मोड़, पार्टी करते दिखे पुलिसकर्मी और बदमाश
झज्जर एनकाउंटर मामले में एक वीडियो सामने आने के बाद पूरे प्रकरण पर सवालों की बौछार हो गई है। वायरल वीडियो में पुलिसकर्मियों और बदमाशों को एक साथ पार्टी करते हुए देखा जा रहा है। इस वीडियो के सामने आने के बाद भाजपा नेता के परिवार ने गंभीर आरोप लगाए हैं और एनकाउंटर को फर्जी करार देने की मांग की है।
परिवार का दावा है कि जिन बदमाशों को एनकाउंटर में मार गिराने की बात कही जा रही है, वे पहले से ही पुलिस के संपर्क में थे। आरोप है कि इन बदमाशों के हाथों में सरकारी हथियार थे और जिस रात मुठभेड़ हुई, उसी रात यही लोग पुलिस के साथ मौजूद थे। वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे दृश्य इन दावों को और मजबूत करते हैं।
परिजनों का कहना है कि यह कोई अचानक हुई मुठभेड़ नहीं थी, बल्कि पूरी घटना पहले से रची गई साजिश का हिस्सा थी। उन्होंने मांग की है कि मामले की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी या उच्चस्तरीय कमेटी से कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके। परिवार का यह भी आरोप है कि पुलिस ने अपनी कार्रवाई को सही ठहराने के लिए गलत तथ्यों को पेश किया।
वीडियो सामने आने के बाद विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों ने भी सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। उनका कहना है कि यदि पुलिस और अपराधियों के बीच इस तरह का संबंध था, तो यह कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल है। वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वीडियो की सत्यता की जांच की जा रही है और जांच के बाद ही कोई निष्कर्ष निकाला जाएगा।
प्रशासन की ओर से यह भी कहा गया है कि यदि किसी पुलिसकर्मी की भूमिका संदिग्ध पाई जाती है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामला जांच के अधीन है, लेकिन वीडियो ने एनकाउंटर की विश्वसनीयता पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है।
यह प्रकरण एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करता है कि एनकाउंटर जैसे मामलों में पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच कितनी जरूरी है, ताकि कानून पर लोगों का भरोसा बना रहे।
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