झज्जर : शहर में पिछले 34 दिनों से चल रही सफाई कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त हो गई है। हड़ताल खत्म होने के बाद शनिवार को सफाई कर्मचारी काम पर लौट आए और शहर के अलग-अलग हिस्सों में सफाई अभियान शुरू कर दिया। लंबे समय से जमा कूड़ा-कचरा उठना शुरू होने के बाद शहरवासियों को भी राहत मिली है।
शनिवार सुबह से ही सफाई कर्मचारी अलग-अलग टीमों में बंटकर अपने निर्धारित क्षेत्रों में पहुंचे। सड़क किनारे, सार्वजनिक स्थानों, बाजारों और उन इलाकों में प्राथमिकता के आधार पर सफाई शुरू की गई, जहां हड़ताल के कारण कई दिनों से कचरा जमा था।
कर्मचारियों ने झाड़ू लगाने के साथ जगह-जगह जमा कूड़े को एकत्र किया और रिक्शा व अन्य उपलब्ध साधनों के जरिए उसे उठाने का काम शुरू किया। 34 दिन तक नियमित सफाई प्रभावित रहने के कारण कई स्थानों पर कचरे के ढेर लग गए थे। ऐसे में सफाई व्यवस्था को पूरी तरह सामान्य करने में कुछ समय लग सकता है।
सफाई कर्मचारियों ने काम पर लौटने के बाद कहा कि आंदोलन के दौरान काम से दूर रहना उनकी मजबूरी थी। अब हड़ताल समाप्त हो चुकी है और वे पूरी मेहनत के साथ शहर की सफाई व्यवस्था को दोबारा पटरी पर लाने का प्रयास करेंगे।
कर्मचारियों ने कहा, “यह हमारा शहर है और इसे साफ-सुथरा रखना हमारी जिम्मेदारी है। हम इसे फिर से साफ और चमकाने के लिए पूरी मेहनत करेंगे।”
हड़ताल का असर पिछले एक महीने से ज्यादा समय तक झज्जर की सफाई व्यवस्था पर दिखाई दिया। कई इलाकों में नियमित रूप से कचरा नहीं उठने के कारण सड़क किनारे और सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा जमा होता गया। इससे आसपास रहने वाले लोगों और दुकानदारों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
अब कर्मचारियों के लौटते ही नगर क्षेत्र में सफाई की गतिविधियां तेज हो गई हैं। पहले दिन उन स्थानों पर विशेष ध्यान दिया गया, जहां बड़ी मात्रा में कचरा जमा था। सफाई कर्मचारियों ने कूड़ा इकट्ठा कर उसे निर्धारित स्थानों तक पहुंचाना शुरू किया।
लंबे समय बाद नियमित सफाई शुरू होने से स्थानीय लोगों ने भी राहत महसूस की। शहरवासियों का कहना है कि हड़ताल के दौरान कई क्षेत्रों में कचरा जमा होने से दुर्गंध और गंदगी की समस्या बढ़ गई थी। अब सफाई अभियान शुरू होने से स्थिति में सुधार की उम्मीद है।
प्रदेश में सफाई कर्मचारियों और सरकार के बीच मांगों को लेकर सहमति बनने के बाद अलग-अलग शहरों में कर्मचारी काम पर लौट रहे हैं। इसी क्रम में झज्जर में भी हड़ताल समाप्त कर कर्मचारियों ने दोबारा जिम्मेदारी संभाल ली है।
हड़ताल के दौरान जमा हुए कचरे को पूरी तरह हटाना अब सफाई कर्मचारियों और स्थानीय निकाय के सामने प्रमुख काम रहेगा। नियमित कचरा उठान के साथ पुराने कूड़े को हटाने के लिए कर्मचारियों को अतिरिक्त प्रयास करना पड़ सकता है।
शनिवार को शुरू हुए अभियान के बाद कई स्थानों पर सफाई व्यवस्था में सुधार दिखाई देने लगा। कर्मचारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में अभियान जारी रखते हुए शहर के सभी प्रभावित इलाकों से कचरा हटाया जाएगा।
34 दिन बाद सफाई कर्मचारियों की वापसी से शहर की रोजमर्रा की व्यवस्था धीरे-धीरे सामान्य होने लगी है। अब नगर निकाय और कर्मचारियों के सामने चुनौती लंबे समय से जमा कचरे को जल्द हटाकर झज्जर की सफाई व्यवस्था को पूरी तरह पटरी पर लाने की है।
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