कैथल की मंडियों में बारिश से भीगा धान, खरीदी गई फसल में 1.77 लाख मीट्रिक टन का उठान बाकी

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Kaithal News

कैथल। गुरुवार अलसुबह हुई तेज बारिश से जिले की अनाज मंडियों में रखी धान की ढेरियां और बोरियां भीग गईं। कई स्थानों पर पानी की निकासी बाधित होने से ढेरियों के नीचे जलभराव हो गया। समय पर उठान नहीं होने के कारण मंडियों में पड़ी फसल बारिश की चपेट में आई है। इससे धान की गुणवत्ता प्रभावित होने और उठान में और देरी की आशंका है।

सुबह तेज बारिश के बाद रुक-रुककर बूंदाबांदी होती रही। मंडियों के साथ खेतों में खड़ी धान की फसल में भी पानी भरने की जानकारी सामने आई है। खड़ी फसल को नुकसान की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, वास्तविक नुकसान का आकलन अभी उपलब्ध नहीं है।

जिले की विभिन्न मंडियों में अब तक 3 लाख 9 हजार 220 मीट्रिक टन धान खरीदा गया है। इसके मुकाबले 1 लाख 31 हजार 736 मीट्रिक टन का उठान हुआ है। इन आंकड़ों के अनुसार, खरीदे गए धान में से 1 लाख 77 हजार 484 मीट्रिक टन का उठान बाकी है। यह कुल खरीद का लगभग 57 प्रतिशत है।

खरीद एजेंसियों के आंकड़ों के मुताबिक, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने 1 लाख 51 हजार 654 मीट्रिक टन और हैफेड ने 1 लाख 4 हजार 272 मीट्रिक टन धान खरीदा है। मंडियों में बड़ी मात्रा में धान मौजूद होने के बीच बारिश ने भंडारण और निकासी व्यवस्था की चुनौती बढ़ा दी है।

ढांड मंडी में 47,909 मीट्रिक टन, गुहला-चीका की नई मंडी में 42,684 मीट्रिक टन और पूंडरी में 40,482 मीट्रिक टन धान की खरीद दर्ज की गई है। अन्य मंडियों और खरीद केंद्रों पर भी खरीद जारी है।

उपायुक्त अपराजिता के अनुसार, खरीद एजेंसियों को किसानों की फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदने के साथ खरीदे गए धान का समय पर उठान सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने किसानों की सुविधा और खरीद प्रक्रिया सुचारू बनाए रखने की बात कही है।

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