करनाल में जेडी प्रोजेक्ट की रजिस्ट्रियों और 24 मीटर रास्ते पर विवाद, विधायक और कंपनी ने रखे अलग-अलग पक्ष

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Karnal News

करनाल। जेडी यूनिवर्सल प्रोजेक्ट के प्लॉट धारकों की लंबित रजिस्ट्रियों और 24 मीटर चौड़े रास्ते को लेकर विधायक जगमोहन आनंद तथा कंपनी के बीच आरोप-प्रत्यारोप सामने आए हैं। विधायक ने करीब 100 परिवारों को न्याय दिलाने का भरोसा दिया है। वहीं, कंपनी प्रवक्ता ने रास्ते की मांग के पीछे दूसरे प्रोजेक्ट को लाभ पहुंचाने का आरोप लगाया। विधायक ने किसी व्यावसायिक भूमिका या राजनीतिक दबाव से इनकार किया है।

विधायक बोले—विधानसभा में उठाया मामला
करनाल रेस्ट हाउस में प्लॉट धारकों से बैठक के बाद जगमोहन आनंद ने बताया कि मामला विधानसभा और सरकारी आश्वासन समिति के सामने रखा गया है। उनके अनुसार, प्रोजेक्ट के प्रमोटरों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज हुई है।

विधायक ने कहा कि प्लॉट धारकों ने भुगतान करने के बावजूद ईडीसी-आईडीसी जमा नहीं होने से रजिस्ट्रियां अटकने की शिकायत की है। उन्होंने जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की।

रास्ते को लेकर आर्थिक हित का आरोप
कंपनी के मीडिया प्रवक्ता मनीष कुमार ने आरोप लगाया कि जेडी की जमीन से रास्ता मिलने पर मनोज गुप्ता का एमैक्स प्रोजेक्ट सीधे सेक्टर-33 से जुड़ सकता है और उसे आर्थिक लाभ हो सकता है। उन्होंने कहा कि रास्ते का मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है। प्रवक्ता ने एफआईआर से जुड़े मामले में भी हाईकोर्ट की रोक होने का दावा किया।

जवाब में विधायक ने कहा कि मनोज गुप्ता उनके परिचित हैं, लेकिन वह प्रोजेक्ट में हिस्सेदार नहीं हैं। उन्होंने स्थानीय लोगों और पार्षदों का पत्र आगे भेजा है। रास्ता खोलने का फैसला सरकार को करना है।

कंपनी ने माना करीब 19 करोड़ बकाया
मनीष कुमार ने बताया कि करीब 19 करोड़ रुपये की ईडीसी-आईडीसी लंबित है। कंपनी ने इसे जमा कराने के लिए सरकार को पत्र लिखा है। उन्होंने रजिस्ट्री या कब्जा रोकने से इनकार करते हुए अधिकांश प्लॉट धारकों को दोनों मिलने का दावा किया।

कंपनी का कहना है कि शेष मामलों के समाधान के लिए आरडब्ल्यूए और सरकार से संपर्क जारी है। रास्ते के संबंध में अदालत के निर्णय का पालन किया जाएगा।

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