करनाल में रिटायरमेंट के दिन सस्पेंडेड SE की कार में मिली लाश, 3 पेज के नोट में IAS समेत 7 अधिकारियों का जिक्र

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Karnal News

करनाल में एक सस्पेंडेड सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर (SE) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। उनका शव एक कार में मिला। खास बात यह है कि जिस दिन उनकी मौत हुई, उसी दिन उनका रिटायरमेंट बताया जा रहा है। पुलिस को घटनास्थल से कथित तौर पर तीन पेज का एक नोट भी मिला है, जिसमें एक IAS अधिकारी समेत सात अधिकारियों के नामों का जिक्र होने की बात सामने आई है।

मृतक SE इससे पहले अपने एक कथित “जाट-झोटा” बयान को लेकर विवादों में रहे थे और बाद में उन्हें निलंबित किया गया था।

कार में उनका शव मिलने की सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य जुटाए गए तथा शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया की गई।

प्रारंभिक तौर पर मामला कथित आत्महत्या का बताया जा रहा है। हालांकि मौत की वास्तविक परिस्थितियों और कारण की पुष्टि पुलिस जांच, पोस्टमॉर्टम तथा फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर ही होगी।

मामले में सबसे महत्वपूर्ण पहलू कथित तीन पेज का नोट है।

बताया जा रहा है कि इसमें एक IAS अधिकारी सहित सात अधिकारियों के नाम लिखे गए हैं। केवल किसी नोट में नाम होने से संबंधित व्यक्तियों की जिम्मेदारी स्वतः साबित नहीं होती। पुलिस को नोट की प्रामाणिकता, उसमें लगाए गए आरोपों और मौत से उनके संभावित संबंध की स्वतंत्र रूप से जांच करनी होगी।

जांच के दौरान कथित नोट की हैंडराइटिंग का मिलान भी कराया जा सकता है। इसके साथ ही मृतक के मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्ड, मैसेज, ईमेल और अन्य डिजिटल साक्ष्य महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।

पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास करेगी कि मौत से पहले SE ने किन लोगों से संपर्क किया था और उनकी आखिरी गतिविधियां क्या थीं।

रिटायरमेंट के दिन ही मौत होने के कारण उनके सेवा संबंधी घटनाक्रम भी जांच के दायरे में आ सकते हैं। निलंबन से जुड़े दस्तावेज, विभागीय कार्रवाई और संबंधित अधिकारियों के साथ हुए पत्राचार की जांच से कथित नोट में लिखी बातों की पुष्टि या खंडन करने में मदद मिल सकती है।

मृतक SE अपने एक बयान के बाद चर्चा में आए थे। इस बयान को लेकर विवाद बढ़ने के बाद उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई हुई और उन्हें सस्पेंड किए जाने की बात सामने आई थी।

अब उनकी मौत और कथित नोट में अधिकारियों के नाम आने के बाद मामला और संवेदनशील हो गया है।

पुलिस के लिए यह स्पष्ट करना महत्वपूर्ण होगा कि नोट कब लिखा गया, क्या वह पूरी तरह मृतक की लिखावट में है और उसमें दर्ज आरोपों के समर्थन में कोई दस्तावेजी या डिजिटल साक्ष्य मौजूद हैं या नहीं।

जिन अधिकारियों के नाम कथित तौर पर नोट में लिखे गए हैं, उनका पक्ष भी जांच और निष्पक्ष रिपोर्टिंग के लिए महत्वपूर्ण होगा।

फिलहाल करनाल में सस्पेंडेड SE की कार में लाश मिलने के बाद पुलिस मामले की जांच कर रही है। शुरुआती तौर पर इसे कथित आत्महत्या का मामला बताया जा रहा है। तीन पेज के कथित नोट में IAS अधिकारी समेत सात अधिकारियों के नाम होने की बात सामने आई है, लेकिन इन नामों से जुड़े किसी आरोप की सत्यता जांच पूरी होने से पहले स्थापित नहीं मानी जा सकती।

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