पूर्व प्रशासनिक व न्यायिक अधिकारियों के साथ संवाद, समकालीन चुनौतियों पर मंथन
Haryana के दौरे पर आए Mohan Bhagwat आज Kurukshetra University में आयोजित एक विशेष सेमिनार में हिस्सा लेंगे। इस कार्यक्रम का विषय राष्ट्र-निर्माण और समकालीन सामाजिक चुनौतियां रखा गया है, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े अनुभवी व्यक्तित्व भाग ले रहे हैं।
आयोजकों के अनुसार संगोष्ठी में सेवानिवृत्त आईएएस, आईपीएस अधिकारियों और पूर्व न्यायाधीशों को आमंत्रित किया गया है, ताकि प्रशासनिक अनुभव और न्यायिक दृष्टिकोण के आधार पर देश के विकास से जुड़े मुद्दों पर गंभीर विमर्श किया जा सके। कार्यक्रम का उद्देश्य नीति-निर्माण, सुशासन, सामाजिक समरसता और संवैधानिक मूल्यों जैसे विषयों पर विचारों का आदान-प्रदान करना है।
डॉ. भागवत अपने संबोधन में वर्तमान परिप्रेक्ष्य में समाज की भूमिका, नागरिक दायित्व और संस्थागत मजबूती जैसे मुद्दों पर विचार रख सकते हैं। सूत्रों के अनुसार यह संवाद औपचारिक भाषण तक सीमित न रहकर प्रश्नोत्तर सत्र के रूप में भी आगे बढ़ेगा, जिसमें प्रतिभागी अपने अनुभव साझा करेंगे।
विश्वविद्यालय परिसर में कार्यक्रम को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों की भी उपस्थिति रहने की संभावना है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे संवाद कार्यक्रम प्रशासनिक और सामाजिक नेतृत्व के बीच सेतु का कार्य करते हैं। इससे नीति और समाज के बीच बेहतर तालमेल की संभावनाएं बनती हैं।
डॉ. भागवत का यह दौरा शैक्षणिक और बौद्धिक हलकों में विशेष महत्व रखता है, क्योंकि इसमें अनुभवी अधिकारियों के साथ राष्ट्र-निर्माण जैसे व्यापक विषय पर खुली चर्चा का मंच तैयार किया गया है।
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