मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना कमजोर वर्गों के लिए सशक्त सहारा : एडीसी विवेक आर्य

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पिछड़ा वर्ग की कन्याओं को अब विवाह पर मिलेंगे 51 हजार रुपये,

हजारों परिवारों को होगा सीधा लाभ

जींद : हरियाणा सरकार द्वारा समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की बेटियों के विवाह में सहयोग देने के उद्देश्य से संचालित मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना को और अधिक प्रभावी बनाया गया है। अतिरिक्त उपायुक्त विवेक आर्य ने बताया कि यह योजना सभी वर्गों के लिए एक सशक्त और सराहनीय प्रयास है, जिससे जरूरतमंद परिवारों को बेटियों की शादी में आर्थिक संबल मिल रहा है। एडीसी विवेक आर्य ने बताया कि प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना के तहत दी जाने वाली शगुन राशि में वृद्धि की है। अब पिछड़ा वर्ग के पात्र परिवारों को विवाह के अवसर पर कन्यादान स्वरूप 51 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी, जो पहले 41 हजार रुपये थी। इस निर्णय से 1.80 लाख रुपये तक की वार्षिक आय वाले हजारों परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा।
उन्होंने बताया कि योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की कन्याओं के विवाह में सहायता प्रदान करना है। इस योजना के अंतर्गत गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले पिछड़ा वर्ग के परिवारों को उनकी बेटियों के विवाह के लिए, किसी भी वर्ग की महिला खिलाड़ियों को उनकी स्वयं की शादी के लिए तथा ऐसे दिव्यांग दंपतियों को, जिनमें पति या पत्नी में से कोई एक दिव्यांग हो, आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। एडीसी ने बताया कि अनुसूचित जाति, विमुक्त जाति तथा टपरीवास समुदाय के पात्र परिवारों को विवाह के अवसर पर 71 हजार रुपये की राशि पहले से दी जा रही है। वहीं विधवा, तलाकशुदा, अनाथ अथवा बेसहारा महिलाओं के पुनर्विवाह पर, यदि पहली शादी में योजना का लाभ नहीं लिया गया हो, 51 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाती है। इसके अलावा नवविवाहित दिव्यांग दंपतियों को भी 51 हजार रुपये का लाभ दिया जाता है।
उन्होंने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए विवाह के छह माह के भीतर विवाह पंजीकरण कराना अनिवार्य है। आवेदन प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाया गया है, ताकि पात्र लाभार्थी आसानी से योजना का लाभ उठा सकें। इच्छुक आवेदक shadi.edisha.gov.in पोर्टल पर जाकर मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

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