ऐतिहासिक नागक्षेत्र सरोवर में मछलियां मरने का मामला

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Nagkshetra Sarovar
ऐतिहासिक महाभारतकालीन नागक्षेत्र सरोवर का विहंगम दृश्य।

नियंत्रण में हुई स्थिति, मत्सय विभाग की रिपोर्ट आना बाकी

पालिका निरंतर स्थिति पर नजर रखे हुए है: संजय अधलखा

सफीदों, (एस• के• मित्तल) : नगर के ऐतिहासिक महाभारतकालीन नागक्षेत्र सरोवर में मछलियां मरने के मामले में अब स्थिति नियंत्रण में है। अब मछलियां उसी रूप में पानी के अंदर तैर रही है तथा उन्हे कोई परेशानी नहीं है। उधर पालिका के कर्मचारी भी नागक्षेत्र सरोवर पर नजर रखे हुए है। पालिका ने मरी हुई मछलियों को दफनाया गया है। वहीं इस मामले में मत्सय विभाग की रिपोर्ट आना बाकी है। विभाग की रिपोर्ट आने पर ही साफ हो पाएगा कि किस कारण से मछलियों को यह दिक्कत आई। गौरतलब है कि हर रोज की भांति कोई श्रद्धालू नागक्षेत्र सरोवर में मछलियों को आटा डालने के लिए आया हुआ था। आटा डालते वक्त उसने देखा कि काफी तादाद में मछलियां घाट के ऊपर मरी हुई है और काफी मछलियां तड़प रही है। मामला सामने आते ही पालिका चेयरपर्सन प्रतिनिधि संजय अदलखा बिट्‌टा, मंदिर के पुजारी यतींद्र कौशिक व समाजसेवी संजीव गौतम मौके पर पहुंचे थे। उधर मामले की गंभीरता को देखते हुए मत्स्य विभाग की टीम ने यहां पहुंचकर सरोवर के जल के सैंपल लिए थे। उसी वक्त पालिका चेयरपर्सन प्रतिनिधि संजय अधलखा ने सरोवर के घाटों पर सफेदी डलवाई थी।

पालिका चेयरपर्सन प्रतिनिधि संजय अधलखा बिट्‌टा।
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क्या कहते हैं पालिका चेयरपर्सन प्रतिनिधि
पालिका चेयरपर्सन प्रतिनिधि संजय अदलखा बिट्टा ने बताया कि इस मामले को लेकर पालिका प्रशासन पूरी तरह से सतर्क व गंभीर है।
सूचना पाते ही उन्होंने नागक्षेत्र सरोवर में काफी मात्रा में सफेदी डलवाई थी। उन्होंने बताया कि पानी में सफेदी डालने से आक्सीजन की मात्रा बढ़ गई थी। जिसके बाद काफी मछलियां होश में आकर पानी में चली गई थी। मरी हुई मछलियों को दफना दिया गया है। फिर भी पालिका हालातों पर नजर बनाए हुए है।
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मत्स्य विभाग जींद की एफओ अंकिता ने बताया कि नागक्षेत्र सरोवर से पानी व मृत मछलियों के सैंपल लेकर के भेज दिए गए हैं। मंगलवार के बाद रिपोर्ट आने की संभावना है। मछलियां मरने के अधिक मात्रा में फीड, सर्दी का मौसम व दूषित पानी के अलावा कई कारण हो सकते हैं। अगर पानी दूषित होगा तो उसकी सैंपल में रिपोर्ट में आ जाएगी।

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