नारनौल। हरियाणा के नारनौल क्षेत्र में पेयजल की गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों की परेशानी सामने आई है। ग्रामीणों का दावा है कि उनके यहां सप्लाई होने वाले पानी में TDS (टोटल डिसॉल्व्ड सॉलिड्स) की मात्रा 3 हजार से अधिक है। पानी खारा होने के कारण लोगों को पीने के पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। मामले को गंभीरता से लेते हुए जनस्वास्थ्य विभाग ने पानी की गुणवत्ता की जांच कराने की बात कही है।
खारे पानी से ग्रामीण परेशान
ग्रामीणों के अनुसार, क्षेत्र में आने वाला पेयजल काफी खारा है। पानी के स्वाद और गुणवत्ता को लेकर लोगों में चिंता बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि पानी में घुले हुए ठोस पदार्थों की मात्रा अधिक होने के कारण उन्हें पीने योग्य पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है।
3 हजार से अधिक TDS होने का दावा
ग्रामीणों ने पानी में TDS का स्तर 3 हजार से ज्यादा होने का दावा किया है। TDS पानी में घुले खनिजों, लवणों और अन्य पदार्थों की कुल मात्रा को दर्शाता है। इसकी वास्तविक स्थिति प्रयोगशाला जांच से ही स्पष्ट हो सकेगी।
जनस्वास्थ्य विभाग कराएगा जांच
मामले को लेकर नारनौल जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से पानी के नमूनों की जांच कराने की बात कही गई है। जांच के बाद ही पता चल सकेगा कि पानी में TDS की वास्तविक मात्रा कितनी है और पेयजल की गुणवत्ता निर्धारित मानकों के अनुरूप है या नहीं।
ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल मिलने का इंतजार
पेयजल हर परिवार की बुनियादी जरूरत है। ऐसे में पानी की गुणवत्ता को लेकर उठी शिकायत के बाद ग्रामीणों की नजर विभागीय जांच और आगे की कार्रवाई पर है। यदि पानी में निर्धारित मानकों से अधिक घुले हुए पदार्थ पाए जाते हैं तो विभाग को वैकल्पिक पेयजल व्यवस्था और समस्या के समाधान पर कदम उठाने होंगे।
![]()











