विमुक्त-घुमंतू समाज के प्रतिनिधियों से मिले CM नायब सैनी, बोले- बच्चों की शिक्षा से ही बदलेगा आने वाली पीढ़ियों का भविष्य

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Nayab Singh Saini

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विमुक्त एवं घुमंतू समाज के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर शिक्षा के महत्व पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने समाज के लोगों से अपने बच्चों को अनिवार्य रूप से पढ़ाने की अपील करते हुए कहा कि शिक्षा ही आने वाली पीढ़ियों का भाग्य बदलने का सबसे मजबूत माध्यम है।

प्रतिनिधिमंडल से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने समाज की प्रगति के लिए बच्चों और युवाओं को शिक्षा से जोड़ने को प्राथमिकता देने की बात कही।

उन्होंने कहा कि किसी भी समाज के सामाजिक और आर्थिक विकास में शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। पढ़ी-लिखी नई पीढ़ी अपने लिए बेहतर अवसर तलाशने के साथ परिवार और पूरे समाज को आगे बढ़ाने में योगदान दे सकती है।

मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधियों से कहा कि वे अपने स्तर पर भी समाज के प्रत्येक परिवार को बच्चों की पढ़ाई के प्रति जागरूक करें।

विशेष रूप से ऐसे परिवारों तक पहुंचने की जरूरत है, जहां आर्थिक या सामाजिक परिस्थितियों के कारण बच्चे पढ़ाई बीच में छोड़ देते हैं।

उन्होंने अभिभावकों से बच्चों की शिक्षा को प्राथमिकता देने का आह्वान किया।

CM सैनी ने कहा कि आज के समय में शिक्षा केवल नौकरी पाने तक सीमित नहीं है। यह व्यक्ति को अपने अधिकारों, अवसरों और जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक बनाती है।

विमुक्त और घुमंतू समुदायों के प्रतिनिधियों से मुलाकात के दौरान समाज से जुड़े अन्य विषयों पर भी बातचीत हुई।

प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री के सामने समुदाय की आवश्यकताओं और अपेक्षाओं से जुड़े मुद्दे रखे। इन मुद्दों पर सरकार की ओर से क्या कदम उठाए जाएंगे, यह संबंधित विभागों की प्रक्रिया और आगे होने वाले निर्णयों से स्पष्ट होगा।

मुख्यमंत्री ने समाज के युवाओं को शिक्षा के साथ कौशल विकास की दिशा में आगे बढ़ने के लिए भी प्रेरित किया।

बदलते रोजगार बाजार में तकनीकी और व्यावसायिक कौशल की भूमिका लगातार बढ़ रही है। ऐसे में औपचारिक शिक्षा के साथ रोजगारपरक प्रशिक्षण युवाओं के लिए नए अवसर तैयार कर सकता है।

सरकारी स्तर पर चलने वाली छात्रवृत्ति, कौशल प्रशिक्षण और अन्य कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाना भी महत्वपूर्ण है।

यदि पात्र परिवार समय पर इन योजनाओं से जुड़ते हैं तो बच्चों की पढ़ाई जारी रखने में आर्थिक सहायता मिल सकती है।

विमुक्त और घुमंतू समुदायों के लिए शिक्षा तक निरंतर पहुंच सुनिश्चित करना कई बार चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ऐसे में स्कूल में दाखिले के साथ बच्चों की नियमित उपस्थिति और पढ़ाई पूरी कराने पर भी ध्यान देने की जरूरत होती है।

मुख्यमंत्री के संदेश का मुख्य केंद्र भी नई पीढ़ी को शिक्षा के माध्यम से सशक्त बनाने पर रहा।

उन्होंने समाज के प्रतिनिधियों से अपील की कि वे बच्चों, विशेषकर नई पीढ़ी को पढ़ाई से जोड़ने के लिए सामूहिक प्रयास करें।

फिलहाल मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विमुक्त एवं घुमंतू समाज के प्रतिनिधियों से मुलाकात के दौरान शिक्षा को सामाजिक बदलाव का प्रमुख माध्यम बताया है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को जरूर पढ़ाने की अपील करते हुए कहा कि शिक्षा से ही आने वाली पीढ़ियों के भविष्य और भाग्य में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।

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