देश के एक प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थान एनआईटी में अचानक छुट्टी घोषित करने और छात्रों को हॉस्टल खाली करने के निर्देश देने से विवाद खड़ा हो गया है। यह पहला मौका बताया जा रहा है जब इस तरह अचानक निर्णय लिया गया, जिससे छात्र समुदाय में असमंजस और नाराजगी का माहौल बन गया।
छात्रों का आरोप है कि 23 तारीख को एक जांच टीम संस्थान का दौरा करने वाली है और प्रशासन ने जानबूझकर छात्रों को कैंपस से बाहर भेजने का फैसला लिया है, ताकि उनसे कोई बातचीत न हो सके। कई छात्रों ने इसे पारदर्शिता के खिलाफ कदम बताते हुए विरोध जताया है।
छात्रों के अनुसार, उन्हें बहुत कम समय में हॉस्टल खाली करने को कहा गया, जिससे दूर-दराज से आए विद्यार्थियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कुछ छात्रों ने यह भी कहा कि परीक्षा और प्रोजेक्ट कार्यों के बीच अचानक लिए गए इस फैसले ने उनकी पढ़ाई पर भी असर डाला है।
वहीं, संस्थान प्रशासन की ओर से अभी तक इस मामले पर स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि यह निर्णय प्रशासनिक कारणों से लिया गया है और इसका उद्देश्य किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से बचना है।
इस घटनाक्रम के बाद छात्रों ने सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से अपनी आवाज उठानी शुरू कर दी है। उनका कहना है कि यदि कोई जांच हो रही है तो उसमें छात्रों की भागीदारी जरूरी है, क्योंकि वे ही संस्थान की वास्तविक स्थिति से अवगत हैं।
यह मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है और आने वाले दिनों में इस पर और खुलासे होने की संभावना है। फिलहाल, छात्र प्रशासन से पारदर्शिता और स्पष्टता की मांग कर रहे हैं, ताकि उनके मन में उठ रहे सवालों का समाधान हो सके।
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