झाड़-फूंक के नाम पर मरीजों का उपचार, निजामपुर गांव में स्वास्थ्य विभाग की रेड; आरोपी गिरफ्तार
हरियाणा के नूंह जिले में अंधविश्वास और फर्जी इलाज के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। गांव निजामपुर में झाड़-फूंक के जरिए बीमारियों का इलाज करने वाले एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर इस अवैध गतिविधि का खुलासा किया।
जानकारी के अनुसार, आरोपी लंबे समय से गांव और आसपास के इलाकों में खुद को तांत्रिक और झाड़-फूंक से इलाज करने वाला बताकर लोगों को गुमराह कर रहा था। वह गंभीर बीमारियों का भी बिना किसी मेडिकल योग्यता के उपचार करने का दावा करता था। ग्रामीणों से मोटी रकम वसूलने के साथ-साथ वह दवाइयों के बजाय ताबीज, मंत्र और झाड़-फूंक का सहारा लेता था।
स्वास्थ्य विभाग को इस बारे में शिकायतें मिल रही थीं कि गांव में कई लोग डॉक्टर के पास जाने के बजाय इस व्यक्ति के पास इलाज कराने पहुंच रहे हैं, जिससे उनकी सेहत को खतरा पैदा हो रहा है। इसके बाद विभाग की टीम ने पुलिस के सहयोग से निजामपुर गांव में छापा मारा। मौके पर आरोपी झाड़-फूंक करते हुए मिला, जिसके बाद उसे हिरासत में ले लिया गया।
जांच के दौरान आरोपी के पास से कुछ संदिग्ध सामग्री भी बरामद की गई है, जिनका इस्तेमाल वह कथित इलाज के दौरान करता था। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के पास किसी भी तरह की मेडिकल डिग्री या इलाज करने की अनुमति नहीं थी। यह पूरी तरह से अवैध गतिविधि थी।
आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग संयुक्त रूप से यह भी जांच कर रहे हैं कि वह कब से यह काम कर रहा था और अब तक कितने लोगों को उसने अपने झांसे में लिया।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि किसी भी बीमारी के इलाज के लिए केवल पंजीकृत डॉक्टरों और अधिकृत चिकित्सा संस्थानों पर ही भरोसा करें। अंधविश्वास के चलते फर्जी इलाज न केवल गैरकानूनी है, बल्कि जानलेवा भी साबित हो सकता है। प्रशासन ने साफ किया है कि इस तरह की गतिविधियों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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