मनाना गांव के 3 करोड़ के प्रोजेक्ट पर भ्रष्टाचार के आरोप, सरपंच से लेकर अधिकारियों तक पर सवाल
Panipat के समालखा स्थित बीडीपीओ कार्यालय में एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम पहुंची, जिससे प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया। मामला मनाना गांव में करीब 3 करोड़ रुपये की लागत से कराए गए विकास कार्यों से जुड़ा बताया जा रहा है। आरोप है कि इन कार्यों में वित्तीय अनियमितताएं और गुणवत्ता संबंधी गंभीर गड़बड़ियां हुई हैं।
सूत्रों के अनुसार शिकायत में सरपंच और ग्राम सचिव के साथ-साथ संबंधित एसडीओ और जेई की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि स्वीकृत बजट और वास्तविक खर्च के बीच अंतर है तथा कुछ कार्य कागजों में पूरे दिखाए गए, जबकि जमीनी स्तर पर अधूरे या निम्न गुणवत्ता के पाए गए।
कार्रवाई के दौरान एसीबी अधिकारियों ने बीडीपीओ कार्यालय से संबंधित फाइलें, भुगतान रिकॉर्ड और टेंडर दस्तावेज खंगाले। टीम ने प्रारंभिक स्तर पर कई दस्तावेजों की प्रतियां भी ली हैं। बताया जा रहा है कि तकनीकी जांच के लिए विशेषज्ञों की मदद ली जा सकती है, ताकि निर्माण कार्यों की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा सके।
इस मामले में Anti Corruption Bureau Haryana की भूमिका अहम मानी जा रही है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई संभव है।
ग्रामीणों का कहना है कि विकास के नाम पर धन का दुरुपयोग हुआ है, जिससे गांव की बुनियादी सुविधाएं प्रभावित हुई हैं। फिलहाल एसीबी की जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस प्रकरण में महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
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