ओलावृष्टि से लेकर जलभराव तक, ठंडी हवाओं ने बढ़ाई सर्दी
पंजाब में मौसम ने अचानक करवट लेते हुए जनजीवन पर असर डालना शुरू कर दिया है। राज्य के कई जिलों में बारिश दर्ज की गई, जबकि कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि ने किसानों और आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। जालंधर में बारिश के साथ ओले गिरने की खबर सामने आई है, जिससे सड़कों और खुले इलाकों में सफेदी छा गई। इस अप्रत्याशित बदलाव से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है।
राजधानी चंडीगढ़ में भी तेज बारिश के चलते कई प्रमुख सड़कों पर जलभराव हो गया। निचले इलाकों में पानी जमा होने से वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कुछ स्थानों पर ट्रैफिक की गति धीमी रही, जबकि नगर निगम की टीमें पानी निकासी में जुटी नजर आईं।
लुधियाना में मौसम अपेक्षाकृत ठंडा हो गया है। यहां तेज ठंडी हवाएं चलने से लोगों ने एक बार फिर गर्म कपड़ों का सहारा लेना शुरू कर दिया है। सुबह और शाम के समय सर्दी का असर ज्यादा महसूस किया जा रहा है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से यह बदलाव देखने को मिल रहा है।
अमृतसर राज्य का सबसे ठंडा इलाका दर्ज किया गया है, जहां न्यूनतम तापमान में उल्लेखनीय गिरावट आई है। ठंड और नमी के चलते सुबह के समय हल्का कोहरा भी देखने को मिला। मौसम के इस बदले मिजाज से जहां आमजन को ठंड का एहसास बढ़ा है, वहीं किसानों के लिए यह स्थिति मिश्रित प्रभाव वाली मानी जा रही है। कुछ फसलों के लिए बारिश फायदेमंद हो सकती है, जबकि ओलावृष्टि से नुकसान की आशंका भी जताई जा रही है।
मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले समय में भी कुछ जिलों में हल्की बारिश और ठंडी हवाएं चल सकती हैं। लोगों को सावधानी बरतने, खासकर वाहन चलाते समय सतर्क रहने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने भी जलभराव वाले इलाकों पर नजर रखने और राहत कार्य तेज रखने के निर्देश दिए हैं।
![]()











