हरियाणा में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक रामकुमार गौतम ने अपनी ही सरकार और पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को लेकर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यदि पिछले विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री का चेहरा नहीं बदला जाता, तो प्रदेश में भाजपा की तीसरी बार सरकार नहीं बन पाती। गौतम के मुताबिक, मनोहर लाल खट्टर के मुख्यमंत्री रहते हुए भाजपा के खिलाफ सत्ता विरोधी लहर बढ़ गई थी और लोगों में नाराजगी थी।
सफीदों के विधायक रामकुमार गौतम बुधवार को चंडीगढ़ स्थित एमएलए हॉस्टल में मीडिया से बातचीत कर रहे थे। यह प्रेस कॉन्फ्रेंस कांग्रेस की ओर से 1 नवंबर को दिल्ली में प्रस्तावित रैली के विरोध में आयोजित की गई थी। हालांकि, बातचीत के दौरान गौतम ने कांग्रेस के बजाय अपनी ही पार्टी की सरकार, पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और मंत्री पद नहीं मिलने से जुड़े मुद्दों पर अधिक चर्चा की।
गौरतलब है कि 12 मार्च 2024 को भाजपा ने हरियाणा में नेतृत्व परिवर्तन करते हुए मनोहर लाल खट्टर की जगह नायब सिंह सैनी को मुख्यमंत्री बनाया था। इसके बाद अक्टूबर 2024 में विधानसभा चुनाव हुए, जिनमें भाजपा ने 90 में से 48 सीटें जीतकर लगातार तीसरी बार सरकार बनाई।
हरियाणा में भाजपा ने 2014 के विधानसभा चुनाव में 47 सीटें जीतकर पहली बार अपने दम पर सरकार बनाई थी। इसके बाद 2019 के विधानसभा चुनाव में पार्टी को 40 सीटें मिली थीं। बहुमत से दूर रहने के कारण भाजपा को जननायक जनता पार्टी (JJP) के साथ गठबंधन करना पड़ा था।
2024 के चुनाव से पहले मुख्यमंत्री का चेहरा बदलने का फैसला भाजपा की राजनीतिक रणनीति का अहम हिस्सा रहा। रामकुमार गौतम के ताजा बयान ने एक बार फिर नेतृत्व परिवर्तन और सत्ता विरोधी लहर को लेकर राजनीतिक चर्चा को सामने ला दिया है। उनके बयान से प्रदेश की राजनीति में भाजपा के भीतर नेतृत्व और चुनावी रणनीति को लेकर बहस तेज होने की संभावना है।
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