राजस्व विभाग के कई अधिकारियों पर संदेह
रेवाड़ी: जिले में करीब 20 करोड़ रुपये मूल्य की विवादित जमीन को लेकर बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। आरोप है कि जमीन के हस्तांतरण के लिए संदिग्ध लोगों ने फर्जी पहचान पत्र बनवाए और राजस्व रिकॉर्ड में गलत तरीके से एंट्री करवाई। मामले ने तब तूल पकड़ा जब पूर्व मंत्री ने इस पूरे प्रकरण में विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत का गंभीर आरोप लगाया।
शिकायत में कहा गया है कि जमीन के वास्तविक मालिकों को बिना जानकारी दिए फर्जी कागजात के आधार पर रजिस्ट्रेशन कराने की कोशिश की गई। यह भी आरोप है कि आईडी बनाने में स्थानीय स्तर पर कई कर्मचारियों ने सहयोग किया, जिसके बिना इतना बड़ा फर्जीवाड़ा संभव नहीं था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए रेवाड़ी DC ने तुरंत तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी, जो सभी दस्तावेजों, रजिस्ट्रेशन रिकॉर्ड, आईडी निर्माण प्रक्रिया और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच करेगी। समिति को तय समय में रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
पूर्व मंत्री ने कहा कि अगर ऐसे मामलों पर सख्ती नहीं हुई तो जमीन माफिया और प्रशासनिक भ्रष्टाचार बढ़ता चला जाएगा। उन्होंने पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
इस घटना के सामने आने के बाद रेवाड़ी जिले में जमीन विवादों और फर्जी रजिस्ट्री प्रकरणों को लेकर चिंता बढ़ गई है। स्थानीय लोग भी सवाल उठा रहे हैं कि उच्च मूल्य वाली जमीन की रजिस्ट्री बिना ठोस सत्यापन के कैसे हो सकती है।
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