रोहतक में आधी रात मकान में भड़की आग, अंदर सो रहा था परिवार; दमकल टीम ने संभाला मोर्चा

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Rohtak News

रोहतक में देर रात एक मकान में अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। घटना के समय परिवार बच्चों के साथ घर के अंदर सो रहा था। आग का पता चलते ही घर में मौजूद लोगों ने खुद को सुरक्षित करने का प्रयास किया और घटना की सूचना फायर ब्रिगेड को दी गई। दमकल कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया।

जानकारी के अनुसार घटना देर रात की है। परिवार के सदस्य अपने बच्चों के साथ मकान में सो रहे थे। इसी दौरान घर के एक हिस्से में अचानक आग भड़क गई।

रात का समय होने के कारण शुरुआत में परिवार को आग लगने का पता नहीं चला। आग बढ़ने और धुआं फैलने के बाद घर में मौजूद लोगों को घटना की जानकारी हुई।

अचानक आग देखकर परिवार के सदस्यों में हड़कंप मच गया। सबसे पहले बच्चों और अन्य लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने का प्रयास किया गया।

शोर सुनकर आसपास रहने वाले लोग भी घरों से बाहर निकल आए। पड़ोसियों ने अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास किया और फायर ब्रिगेड को सूचना दी।

सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। कर्मचारियों ने आग फैलने से रोकने के लिए अभियान शुरू किया और काफी मशक्कत के बाद स्थिति को नियंत्रित किया।

दमकल कर्मियों की प्राथमिकता मकान में मौजूद लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और आग को आसपास के मकानों तक फैलने से रोकना रही।

आग के कारण मकान में रखा घरेलू सामान प्रभावित हुआ है। नुकसान की वास्तविक मात्रा का आकलन आग पूरी तरह बुझने और घर की जांच के बाद किया जा सकेगा।

घटना में परिवार के किसी सदस्य को गंभीर चोट लगी या नहीं, इसकी आधिकारिक स्थिति संबंधित अधिकारियों से स्पष्ट होगी। हालांकि समय रहते आग पर नियंत्रण मिलने से बड़ा हादसा टलने की बात कही जा रही है।

आग लगने के वास्तविक कारण का अभी पता नहीं चला है। शुरुआती स्तर पर बिजली के तारों, उपकरणों या अन्य संभावित कारणों की जांच की जा सकती है।

दमकल विभाग घटनास्थल का निरीक्षण कर यह पता लगाने का प्रयास करेगा कि आग मकान के किस हिस्से से शुरू हुई और वहां कौन-कौन सी वस्तुएं मौजूद थीं।

यदि आग बिजली के शॉर्ट सर्किट के कारण लगी है तो वायरिंग और बिजली के उपकरणों की स्थिति की जांच महत्वपूर्ण होगी। हालांकि जांच पूरी होने से पहले किसी कारण की पुष्टि नहीं की जा सकती।

देर रात घरों में आग लगने की घटनाएं विशेष रूप से खतरनाक होती हैं, क्योंकि सो रहे लोगों को धुएं और आग का पता देर से चल सकता है। धुआं फैलने से सांस लेने में भी गंभीर परेशानी हो सकती है।

ऐसी घटनाओं से बचाव के लिए घरों में बिजली की वायरिंग की समय-समय पर जांच और खराब उपकरणों को बदलना महत्वपूर्ण है। जरूरत से ज्यादा लोड वाले प्लग और तार भी आग का जोखिम बढ़ा सकते हैं।

फायर ब्रिगेड की टीम ने आग बुझाने के बाद मकान के प्रभावित हिस्से की जांच की, ताकि कहीं अंदर दोबारा आग भड़कने की संभावना न रहे।

घटना के बाद परिवार और आसपास के लोगों में डर का माहौल रहा। रात में आग लगने और घर में बच्चों के मौजूद होने के कारण स्थिति अधिक गंभीर हो सकती थी।

फिलहाल रोहतक में मकान में लगी आग पर फायर ब्रिगेड ने काबू पा लिया है। आग लगने के कारण और इससे हुए कुल नुकसान की जानकारी जांच के बाद स्पष्ट होगी।

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