गांव छाप्पर में मनाया गया डॉ. भीमराव अंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस
सफीदों, (एस• के• मित्तल) : उपमंडल के गांव छाप्पर स्थित संत शिरोमणि गुरु रविदास आश्रम में संविधान निर्माता एवं भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में ग्रामीण, सामाजिक संगठनों के सदस्य और विद्यालयों के बच्चे उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि पुलिस अधीक्षक जींद कुलदीप सिंह व विशिष्टातिथि के रूप में आरपीआई अंबेडकर के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुनील गहलावत ने शिरकत की।

कार्यक्रम का संयोजन संत धनपतदास महाराज ने किया। संत धनपत दास ने अतिथियों का फूलमालाएं पहनाकर अभिनंदन किया। अतिथियों ने डा. बी. आर. अंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। अपने संबोधन में पुलिस अधीक्षक कुलदीप सिंह ने कहा कि डॉ. अंबेडकर का विचारधारा समाज के हर वर्ग को प्रेरित करने वाली है। भारतीय संविधान, जिसे डॉ. अंबेडकर ने सर्वसमावेशी दृष्टिकोण से निर्मित किया, देश की सबसे बड़ी ताकत है और हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह संविधान का सम्मान करे और राष्ट्रहित में योगदान दे। उन्होंने यह भी कहा कि महापुरुषों का जीवन मार्ग आदर्श होता है और उनके दिखाए रास्ते पर चलना ही सच्ची श्रद्धांजलि है। कार्यक्रम के दौरान छापर गांव के सरकारी स्कूल के बच्चों को किताबें, पेन, पेंसिल एवं अन्य अध्ययन सामग्री भी वितरित की गई। कार्यक्रम के समापन पर अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर डॉ. के. सी. भट्टी, जयकिशन जांगड़ा, बलदेव सिंह कालो, मनीष रत्ताखेड़ा, लाभ सिंह सिद्धू सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
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