सफीदों, (एस• के• मित्तल) : नगर की गुरूद्वारा गली स्थित शिव शक्ति कृपा मंदिर संकीर्तन भवन में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में वातावरण भक्तिमय हो गया है। कथा महोत्सव में वेदाचार्य श्रीमद् दण्डी स्वामी डा. निगमबोध तीर्थ महाराज का सानिध्य प्राप्त हुआ, जबकि श्रीमद् भागवत कथा का वाचन पंडित दीप वशिष्ठ ने किया। कथा में बड़ी संख्या में महिलाओं और पुरुषों ने भाग लिया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कथा व्यास दीप वशिष्ठ ने कहा कि कलियुग में श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि यह कथा मनुष्य को मोक्ष प्राप्ति और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग दिखाती है। भागवत कथा न केवल भगवान के प्रति भक्ति की भावना को प्रबल करती है, बल्कि जीवन को सही दिशा देने का कार्य भी करती है। उन्होंने आगे कहा कि भागवत कथा सुनने से व्यक्ति के पाप और दुखों का नाश होता है तथा उसे मानसिक शांति प्राप्त होती है। यह कथा हमें पारलौकिक ज्ञान प्रदान करती है, जिससे हम जीवन के वास्तविक उद्देश्य को समझ पाते हैं। उन्होंने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा सभी ग्रंथों का सार है और इसमें अनेक गूढ़ रहस्य निहित हैं। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति श्रद्धा और भक्ति भाव से भागवत कथा का श्रवण करता है, भगवान स्वयं उसका कल्याण करते हैं। जीवन में भगवान को प्रिय कार्य करें और हमेशा ईश्वर से जुड़ने का प्रयास करें। भागवत कथा मनुष्य को जन्म-मरण के चक्र से मुक्ति दिलाने का मार्ग प्रशस्त करती है। उन्होंने कहा कि जीवन में भागवत कथा सुनने का अवसर अत्यंत दुर्लभ होता है, इसलिए जब भी यह अवसर मिले, उसका भरपूर लाभ उठाना चाहिए। आयोजक संस्था के प्रतिनिधि महेश गर्ग ने जानकारी देते हुए बताया कि यह कथा आगामी 5 अप्रैल तक प्रतिदिन सायं 3 बजे से 6 बजे तक आयोजित की जा रही है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर कथा का श्रवण करें और अपने जीवन को आध्यात्मिक रूप से समृद्ध बनाएं।
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