सफीदों में अवैध रूप से चल रही केमिकल के रंग-गुलाल-बारूद फैक्ट्री में लगी आग

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Safidon factory fire

फैक्ट्री में काम कर रही चार महिलाओं की मौत, 23 घायल 

मालिक ने फैक्ट्री के गेट पर लगाया हुआ था ताला

लोगों ने फैक्ट्री की दीवार तोड़कर झुलसी हुई महिलाओं को निकाला

सफीदों (एस• के• मित्तल) : शहर की गीता कॉलोनी में शनिवार को उसे समय सनसनी फैल गई, जब एक केमिकल के रंग-गुलाल के साथ बारूद फैक्ट्री में अचानक आग लग गई। आग लगने के बाद फैक्ट्री का गोदाम धुएं से भर गया और सभी महिलाएं किसी कारण भी बाहर नहीं निकल पाई। क्योंकि फैक्ट्री के मुख्य द्वार का ताला लगा हुआ था। जिस कारण अंदर झुलसने से चार महिलाओं की मौत हो गई। मृतक महिलाओं में आदर्श कॉलोनी निवासी ऊषा (45), सिंहपुरा निवासी महिला पिंकी (45), डिग्गी मोहल्ला निवासी निवासी पूजा (28) व सफीदों शहर के वार्ड नंबर 9 निवासी गुड्डी (52) के रूप में हुई है। वही इस आगजनी के घटना में चार पुरुषों समेत 18 महिलाएं घायल हो गई। जिनमें से एक पुरुष समेत 7 की गंभीर अवस्था बनी हुई है। जोकि रोहतक पीजीआई व खानपुर मेडिकल में उपचाराधीन है। घटना की सूचना मिलने पर ना तो समय पर दमकल की गाड़ी पहुंची और न हीं एंबुलेंस मौके पर पहुंची। कॉलोनी वासियों ने दीवार तोड़कर महिलाओं को फैक्ट्री से बाहर निकाल और प्राइवेट वाहनों से उन्हें सफीदों के नागरिक अस्पताल में पहुंचा। सूचना मिलते ही जींद के डीसी मोहम्मद इमरान राजा व एसपी कुलदीप सिंह घटनास्थल व नागरिक अस्पताल पहुंचे। जिन्होंने परिजनों को उचित इलाज व फैक्ट्री मालिक के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया।
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महिलाओं की चींखें सुन पहुंचे कॉलोनी वासी
रिहायशी इलाके में बनी केमिकल रंग-गुलाल व पटाखे बनाने की फैक्ट्री से जब महिलाओं की चींखें सुनाई दी तो, कॉलोनी के लोग एकत्रित हुए और उन्होंने अपने-अपने मकानो से पाइप लगाकर के फैक्ट्री में लगी आग पर काबू पाने का प्रयास किया। लेकिन आग इतनी भयंकर थी कि आग की लपटे फैक्ट्री के बीच बने चौंक के अंदर से बाहर निकल रही थी। इस दौरान एक महिला ने फैक्ट्री की छत पर चढ़कर कूद कर अपनी जान बचाई। कॉलोनी निवासी जिन्होंने महिलाओं को बचाया सुनील कुमार, कृष्ण कुमार, पप्पू, पवन कुलदीप, शंकर, अमित व अजय आदि ने आरोप लगाते हुए कहा कि यह फैक्ट्री उनकी कॉलोनी पिछले 4 साल से अवैध रूप से चल रही है। जिसमें होली से पहले करीब 50 महिलाएं काम करने के लिए प्रतिदिन आई थी, लेकिन अब होली के बाद 25 महिलाएं व कुछ पुरुष प्रतिदिन आ रहे थे। कॉलोनी के लोगों ने बताया कि वह कभी इसके अंदर नहीं गया, आखिर यहां क्या बनाया जा रहा है। क्योंकि फैक्ट्री का अक्सर मुख्य द्वार पर ताला लगा रहता था और आज आगजनी के दिन भी मुख्य द्वार पर ही ताला लगा हुआ था। इसलिए फैक्ट्री में प्रवेश करना मुश्किल था। आज आग के लपटे देखकर व महिलाओं की चीखे सुनकर दीवार तोड़ना शुरू किया और फैक्ट्री की साइड की दीवारें तोड़ करके आग में झूलसने व धुएं के कारण बेहोश हुई सभी महिलाओं को निकाला। लेकिन समय पर दमकल विभाग की गाड़ी व एंबुलेंस की गाड़ी नहीं पहुंच पाई। जिसके कारण प्राइवेट वाहनों से घायल महिलाओं को अस्पतालों में भेजना पड़ा। नागरिक अस्पताल में चार महिलाओं को मृत घोषित कर दिया।
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घटनास्थल पर पहुंचे डीसी व एसपी
इस मामले में डीसी मोहम्मद इमरान रजा व एसपी कुलदीप सिंह ने पहले घटनास्थल का मुआयना किया। उसके बाद वे नागरिक अस्पताल पहुंच। जहां पर उन्होंने घायलों व उनके परिवारों से बातचीत की। पत्रकारों से बात करते हुए डीसी मोहम्मद इमरान रजा ने कहा कि इस घटना में 4 लोगों की मौत हो चुकी है। इस घटना की जांच की जा रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। डीसी ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई होगी और पूरे जिले में बिना अनुमति चल रही ऐसी खतरनाक फैक्ट्रियों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। इस बात की भी जांच की जाएगी कि आग कैसे लगी और ताला क्यों लगा था। इसके अलावा इस घटना में किसी प्रकार की प्रशासनिक, दमकल, एंबूलेस व पुलिस की लापरवाही पाई जाती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
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4 नामजद व एक अन्य के खिलाफ मामला दर्ज
इस घटना में पुलिस ने पीडितों के ब्यान के आधार पर 4 नामजद व एक अन्य के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 287, 288, 106(1), 125, 143 (3) BNS 5 विस्फोटक अधिनियम व 1623 बाउडिंड लेबर एक्ट के तहत मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने इस मामले में राकेश उर्फ राजू गर्ग, देवेन्द्र गर्ग, सत्यनारायण गर्ग व रामकरण गर्ग को नामजद किया है। समाचार लिखे जाने तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई थी।

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