सफीदों की खतरनाक रंगों की फैक्ट्री का अग्निकांड

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Safidon factory fire

झुलसी हुई महिला बिमला ने छठे दिन हिसार में तोड़ा दम

गांव मुआना में किया गया अंतिम संस्कार

मृतक महिलाओं की संख्या हुई 10

सफीदों (एस• के• मित्तल) : नगर की भाट कॉलोनी में विस्फोटक पदार्थ से बनाए जा रहे का खतरनाक विस्फोटक कलर की फैक्ट्री में आग लगने से झुलसी गांव मुआना निवासी बिमला (60) ने हिसार के निजी अस्पताल में दम तोड़ दिया। बिमला पिछले छठे दिन से वहां पर उपचाराधीन थी। फैक्ट्री आगजनी कांड में मृतक महिलाओं की संख्या बढ़कर अब 10 हो गई है। हर दिन मृतकों की संख्या बढ़ती जा रही है। फिलहाल रानी (45), कश्मीरी (40), रानी उर्फ सटको (45) निवासीयान डिग्गी मौहल्ला व जगबीर (40) निवासी आदर्श कालोनी सफीदों की पीजीआई रोहतक में हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने मृतका बिमला के शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया। वहीं परिजनों ने गांव मुआना में उसका अंतिम संस्कार किया। मृतका बिमला सफीदों के डिग्गी मौहल्ला की बेटी व गांव मुआना में शादीशुदा थी। जैसे ही उसके निधन का समाचार आया तो परिवार में शोक की लहर दौड़ गई और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। वहीं परिजनों में काफी रोष देखने को मिला। परिजनों का आरोप था कि फैक्ट्री में विस्फोटक पदार्थ से बम के शॉट, चटर-मटर, रंगों के स्मॉग व गंधक पोटाश आदि उन्हे बंधक बनाकर बिना किसी परमिशन व सुरक्षा उपकरणों के तैयार किया जाता था। परिजनों का आरोप था कि इस मामले में प्रशासनिक लापरवाही भी काफी रही है। समय पर ना तो मौके पर एंबूलेंस और नाही फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची। अगर प्रशासनिक मदद समय पर मिलती तो काफी जानी नुकसान को बचाया जा सकता था। उस समय केवल स्थानीय लोगों ने मदद की, जिन्होंने दीवार को तोड़कर लोगों को बाहर निकाला।

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