विस्फोटक पदार्थ भरकर फैक्ट्री में बनाए जा रहे थे खतरनाक पटाखे व रंगों की मोमबत्तियां

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Safidon factory fire death toll

पिछले महीने के पैसे नहीं देकर महिलाओं से जबरदस्ती करवाया जा रहा था काम

2 ओर घायल महिलाओं ने तोड़ा दम

सफीदों (एस• के• मित्तल) : नगर की भाट कॉलोनी में विस्फोटक पदार्थ से बनाए जा रहे का खतरनाक पटाखे व रंग की फैक्ट्री में लगी आग में दो ओर महिलाओं की जान चली गई है। इससे पहले 4 महिलाओं की मौत हो चुकी है। मृतकों का आंकड़ा बढ़कर अब 6 हो गया है। रविवार को उपमंडल के गांव मुआना हाल भाट कॉलोनी निवासी धनपति (55) व सफीदों की डिग्गी मौहल्ला निवासी सरिता (35) ने पीजीआई में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वहीं गांव मुआना हाल भाट कॉलोनी निवासी बिमला (60) पत्नी सुखबीर की हिसार के एक निजी अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रही है। साथ ही रोहतक पीजीआई में दाखिल बीरमति, रानी व कमलेश ( 54) की भी हालत गंभीर बनी हुई हैं। आगजनी घटना में अभी भी चार पुरुष व 17 महिलाएं झुलसी हुई है।
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महिलाओं से लिया जाता था जबरदस्ती काम
मृतक गुड्डी के लड़के शिकायतकर्ता विजय के अनुसार फैक्ट्री में महिलाओं से जबरदस्ती काम लिया जा रहा था। उसकी मां उसे अक्सर बताती थी कि फैक्ट्री में विस्फोटक पदार्थ प्रयोग किए जाते थे। वह काम छोड़ना चाहती है लेकिन फैक्ट्री मालिक उसकी पिछले महीने की तनख्वाह रोककर रखता था और पिछले पैसे नहीं देने की धमकी भी देता था। फैक्ट्री मालिक उन्हे जबरदस्ती काम पर बुलाता था। फैक्ट्री में विस्फोटक पदार्थ से खतरनाक पटाखे व रंग के प्रोडक्ट, सप्रे व केमिकल का गुलाल तैयार किया जाता था।
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सफीदों से होती थी दूसरे प्रदेशों में सप्लाई
सफीदों के कई स्थानों से यह केमिकल युक्त गुलाल व रंग तैयार करके हरियाणा प्रदेश ही नहीं, बल्कि दूसरे प्रदेशों में भी भेजा जा रहा था। प्रशासन ने रात्रि में ही मालिकों की दूसरी फैक्ट्री को सफीदों के गांव कुरड में जाकर के सील किया। जोकि एक मकान में चल रही थी। जहां से सफीदों सीआईए स्टाफ ने विस्फोटक पदार्थ व अन्य रंग गुलाल बनाने की सामग्री को कब्जे में लिया है।
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गांव डिडवाडा में भी चल रही थी फैक्ट्री
सफीदों विधानसभा के गांव डिडवाडा में भी केमिकल के रंग गुलाल व बम-पटाखे बनाने की फैक्ट्री कॉफी महीनों से चल रही थी। लेकिन जैसे ही सफीदों सीआईए स्टाफ ने गांव कुरड में रेड की तो, रात्रि ही गांव डिडवाडा की फैक्ट्री से मालिकों द्वारा सारा सामान उठा लिया गया। जहां पर विस्फोटक पदार्थ से बम के शॉट तैयार किया जा रहे थे। सफीदों मात्रा बम बेचने में ही नहीं पूरे हरियाणा के साथ अन्य प्रदेशों में भी बम के शॉट, रंगों की मामबत्तियां, सप्रे वाले गुलाल रंग की सप्लाई करने का हब बना हुआ था। लेकिन सफीदों प्रशासन अपनी आंखे मूंदे बैठा हुआ था। अब 6 महिलाओं की मौत होने के बाद सफीदों प्रशासन जागा है।

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