धान सीजन सिर पर, सफीदों नई अनाज मंडी की तैयारियां अधूरी जलभराव, टूटी सड़कें और उखड़ा रास्ता बना परेशानी

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सफीदों, (एस• के• मित्तल) : धान का सीजन सिर पर है, लेकिन सफीदों की नई अनाज मंडी में तैयारियां अभी अधूरी दिखाई दे रही हैं। मंडी में जलनिकासी की समस्या, टूटी-उखड़ी सड़कें, नालों की सफाई और पाइप लाइन डालने के लिए चल रहा खुदाई कार्य किसानों व आढ़तियों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। आढ़तियों का कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं की गईं तो धान की आवक बढ़ने के साथ समस्याएं भी बढ़ सकती हैं। मंडी में सबसे बड़ी समस्या जलभराव की बताई जा रही है। बारिश होने पर कई हिस्सों में पानी जमा हो जाता है। नालियों और जलनिकासी व्यवस्था की स्थिति ठीक नहीं होने के कारण पानी की निकासी में समय लगता है। धान के सीजन में बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ मंडी पहुंचेंगे। ऐसे में बारिश के दौरान जलभराव होने पर आवागमन प्रभावित होने के साथ फसल की सुरक्षा भी चुनौती बन सकती है।
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दो साल से सड़क मरम्मत का इंतजार
आढ़तियों के मुताबिक मंडी की कई सड़कें लंबे समय से खराब हैं। जगह-जगह सड़क उखड़ी हुई है और गड्ढों के कारण वाहन चालकों को परेशानी होती है। उनका कहना है कि करीब दो साल से सड़कों की उचित मरम्मत नहीं हुई है। धान सीजन में भारी वाहनों की आवाजाही बढ़ने पर स्थिति और खराब होने की आशंका है। आढ़तियों का कहना है कि खाली समय में सड़क मरम्मत और जलनिकासी से जुड़े काम आसानी से पूरे किए जा सकते थे, लेकिन अब सीजन नजदीक आने पर काम शुरू होने से परेशानी बढ़ गई है।
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सीजन से ठीक पहले उखाड़ी सड़क
मंडी में इन दिनों पाइप लाइन डालने और नाला दबाने का काम चल रहा है। इसके लिए कई स्थानों पर सड़क खोदी गई है। आढ़तियों का कहना है कि करीब 15 दिन पहले शुरू हुए इस कार्य का समय ठीक नहीं है। उनका कहना है कि यदि काम पहले शुरू कर पूरा कर लिया जाता तो धान सीजन में किसानों को परेशानी नहीं होती। निर्माण कार्य के चलते कई स्थानों पर रास्ता बाधित है। धान की आवक शुरू होने के बाद यदि खुदाई और मरम्मत का काम जारी रहा तो ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की आवाजाही प्रभावित होने तथा जाम की स्थिति बनने की आशंका है। इस कार्य को सीजन से पहले या बाद में करवाया जाना चाहिए था। विभाग की मिस मैनेजमेंट का खामियाजा आढ़तियों व किसानों को भुगतना पड़ेगा।
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नालों की सफाई जरूरी
आढ़तियों ने मंडी के नालों की सफाई करवाने की भी मांग की है। उनका कहना है कि नालों में गंदगी और अवरोध के कारण बारिश का पानी आसानी से नहीं निकलता। सीजन से पहले यदि नालों की सफाई और जलनिकासी व्यवस्था ठीक नहीं हुई तो बारिश के दौरान मंडी में पानी जमा होना तय है। उनका कहना है कि मंडी में सफाई व्यवस्था के साथ-साथ जलनिकासी के सभी रास्तों की जांच कर उन्हें चालू किया जाना चाहिए, ताकि फसल की आवक के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।
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प्रशासन से तत्काल व्यवस्था सुधारने की मांग
आढ़तियों ने प्रशासन और मार्केट कमेटी से मांग की है कि धान की आवक शुरू होने से पहले मंडी की सड़कों की मरम्मत, नालों की सफाई और जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त करवाई जाए। पाइप लाइन का काम भी जल्द पूरा करवाकर खोदी गई सड़कों को समतल किया जाए। का कहना है कि मंडी में धान सीजन के दौरान किसानों और व्यापारियों की भीड़ बढ़ेगी। ऐसे में व्यवस्थाओं को पहले से दुरुस्त करना जरूरी है। उनका कहना है कि यदि समय रहते सुधार नहीं किया गया तो इसका सीधा असर किसानों और आढ़तियों पर पड़ेगा।
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क्या कहते हैं मार्किट कमेटी सचिव
इस मामले में मार्किट कमेटी सचिव मनोज पारासर का कहना है कि मंडी में सीजन की तैयारियां चल रही है। बिजली, पानी, नापतोल कांटों व सफाई का कार्य चल रहा है। निकासी व्यवस्था के लिए मंडी के दूसरे व तीसरे फेस में पाईप दबाए जा रहे हैं, जिसका कार्य आगामी 1 अक्तुबर तक पूरा होने की संभावनाएं हैं। इसके अलावा सड़कों की स्पेशल रिपेयर का टैंडर हो चुका है, जिस पर कार्य शुरू होने की संभावनाएं हैं। मंडी में धान के सीजन के लिए तैयारियां पूर्ण है। सीजन के दौरान किसानों व आढ़तियों को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आने दी जाएगी।

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